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मुख्यमंत्री ने दमगज्जा ठोका कि उनके राज में भ्रष्टाचारियों की जेबे भरनी बंद हो गई :विद्रोही

रेवाड़ी 13 जनवरी 2020: हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने सवाल किया कि स्वामी विवेकानंद जयंती, नैशनल युवा दिवस नाम पर करोड़ों रूपये का सरकारी धन फूंकने व दो दिन तक रेवाडी में रहने पर भी मुख्यमंत्री खट्टर ने रेवाड़ी के विकास व जनहित के लिए एक शब्द भी क्यों नही बोले।

विद्रोही ने मुख्यमंत्री खट्टर से पूछा कि क्या वे रेवाडी में सैर-सपाटे, खाने-पीने, सोने व मैराथन दौड़ तमाशा करके मीडिया में सुर्खिया बनने के लिए ही आये थे। जब भी मुख्यमंत्री किसी क्षेत्र में जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों में यह स्वभाविक आशा जगती है कि विकास व जनहित के लिए सरकार का मुखिया कोई न कोई घोषणा करके जरूर जायेगा। पर खट्टर जी दो दिन तक रेवाडी में रहे, टैक्स पेयरस का करोडों रूपये का धन मैराथन दौड़ गाजे-बाजे, सैर-सपाटे, खान-पान पर खर्च करवाकर चलते बने।

विद्रोही ने कहा कि मुख्यमंत्री का अंदाजे बया बता रहा था कि मानों वे लोगों को यह कहने आये थे कि दक्षिणी हरियाणा के लोगों जरा होशियार, मैं हूं साढ़े पांच सालों से हरियाणा का राजकुमार, मेरे आगे-पीछे चलती सरकार। क्षेत्र के लोगों, जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास के लिए खट्टर जी को ज्ञापन दिये, पर मुख्यमंत्री के मुंह से इस क्षेत्र के विकास व लोगों की भलाई के लिए एक शब्द भी नही निकला और अपनी सरकार के गीत गाकर चलते बने।

विद्रोही ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दमगज्जा ठोका कि उनके राज में भ्रष्टाचारियों की जेबे भरनी बंद हो गई है। यदि भाजपा-खट्टर राज में भ्रष्टाचारियों की जेब भरनी बंद हो गई है तो पांच हजार करोड़ रूपये के डाडम घोटाले, हजारों करोड़ रूपये के बजरी, रेत, पत्थर, अवैध माईनिंग घोटाले, करोड़ों रूपये के ओवर लोडिंग घोटाले, 500 करोड रूपये के रोडवेज किलोमीटर स्कीम घोटाला, 120 करोड रूपये के बिजली मीटर घोटाला, 150 करोड़ रूपये का छात्रवृति घोटाला सहित विगत पांच सालों में हरियाणा में हुए हजारों करोड़ रूपये के घोटाले से किसकी जेब भरी संघीयों की या किसी और की? यदि इन घोटालों में संघीयों की संलिप्ता नही है तो मुख्यमंत्री निष्पक्ष-स्वतंत्र जांच करवाने से क्यों भाग रहे?

विद्रोही ने पूछा कि मनोहरलाल खट्टर नाम के व्यक्ति का खासम-खास रोहतक का पूर्व विधायक मनीष ग्रोवर कौन है, जिस पर एक हजार करोड़ रूपये से ज्यादा घोटाले करने का आरोप भाजपा समर्थक निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने लगाया है। मनीष ग्रोवर संघी नही तो उनके घोटाले पर मुख्यमंत्री चुप क्यों है?

अधिकारियों के तबादले व पोस्टिंग में करोड़ों रूपये का लेन-देन हो रहा है, वह पैसा किसकी जेब में जा रहा है? भाजपा ने हरियाणा में तीन हजार करोड रूपये लगाकर अपने जो विभिन्न कार्यालय बनाये है, उसका पैसा भ्रष्टाचारियों की जेब से आया है या कही ओर से? विद्रोही ने पूछा पंजाब भू-सरंक्षण अधिनियम 1901 में परिवर्तन करके किसे पहाडों व वनों की भूमि देकर लाखों करोड़ों रूपये ऐंठने का कुप्रयास किसने किया, खट्टर जी ने या विपक्ष ने। विद्रोही ने मुख्यमंत्री खट्टर को खुली चुनौति दी यदि वे इतने ही पाक-साफ व ईमानदार है तो उक्त सभी घोटालों की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच के लिए पंजाब हरियाण हाईकोर्ट को पत्र लिखकर जांच का अनुरोध करे।

वेदप्रकाश विद्रोही।