फोटो कैप्सन: रविवार सांय शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा मेरिज पैलेस में स्व. शिव गौड की रस्म पगडी में लोगों को सम्बोधित करते हुए।
महेन्द्रगढ़,16 जून ( सुरेन्द्र व्यास द्वारा ): स्व. शिव गौड़ ने अपने जीवनकाल में जो सहरानीय कार्य किया थे उसके लिए वे कभी भूलाये नहीं भूले जायेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के युवाओं के लिए सबसे पहले आलोक संस्कृत महाविद्यालय स्थापित कराने में पूरा सहयोग किया वहीं शिक्षाविद् के साथ-साथ वे हस्तरेखा के शास्त्री भी थे जिन्होंने इस क्षेत्र के नाम को प्रसिद्घ किया। उनकी सोच थी कि अगर युवा पढ़ा लिखा होगा तो देश के निमार्ण में भागीदार के साथ-साथ दूसरे लोगों को अपने जीवनकाल में शिक्षत करेगा।
उक्त बाते आज शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने स्थानीय मैरिज पलेस में आयोजित शिव गौड़ शास्त्री की रस्म पगड़ी पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा स्व. शास्त्री ने अपना पूरा जीवन मानव भलाई व मनुष्य के उत्थान के लिए लगाया है। उन्होंने उनके परिजनों से अपील की कि गौड़जी द्वारा अपने जीवनकाल में मनुष्य की भलाई के लिए जो मुहिम शुरू की थी उसके आगे बढाने का कार्य करें यही उनकी सच्ची श्रद्घांजलि होगी।
