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Author - S.K. Vyas

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सांझ हुई

कविता सांझ हुई ———— फैल रही लाली नदी तट रेत में डूब रहा सूर्य सागर के पेट में सांझ हुई पर्वत के भाल पर क्षितिज के गाल पर पसरती लालिमा...