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हरियाणा समाचार

सुरेंद्र व्यास द्वारा 

अब किफायती मकानों के निर्माण के लिए 10 से 15 एकड़ भूमि पर मिलेंगे लाइसेंस

चंडीगढ़, 13 सितंबर,2018 : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में अनधिकृत कालोनियों के विकास की रोकथाम तथा आम जनता को सस्ते प्लाट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दीनदयाल जन आवास योजना के तहत अब सस्ते किफायती मकानों के निर्माण के लिए 5 से 15 एकड़ भूमि पर लाइसेंस प्रदान किये जाएंगे।   

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी ।

        सरकार द्वारा अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कोलोनी के लिए छोटे कस्बों में अधिकतम सीमा 75 एकड़ तथा गुरुग्राम में 300 एकड़ की सीमा को सरकार ने हटा लिया है। इसके अलावा, प्रत्येक रिहायसी सैक्टर में अधिकतम सीमा को 10 एकड़ से बढ़ाकर 15 एकड़ कर दिया है तथा इस स्कीम के तहत फ्लैटों के आवंटन में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है।

        उन्होंने बताया कि 1534 लाइसेंस पिछली सरकारों के दौरान दिए गए, उनमें ज्यादातर वर्ष 2002 के बाद से दिए गए, लेकिन पिछले 4 साल के दौरान वर्तमान सरकार ने 175 लाइसेंस दिए, जिनमें दीन दयाल जन आवास योजना के तहत आने वाली कॉलोनियों के लिए 107 लाइसेंस तथा 68 अन्य लाइसेंस दिए गए हैं।

        उन्होंने कहा कि दीन दयाल जन आवास योजना के तहत 5 से 15 एकड़ भूमि पर लाईसेंस प्रदान किए जाते हैं। प्लाट का अधिकतम साईज 150 वर्ग मीटर रखा गया है। इस योजना की लोकप्रियता एवं सफ लता के मद्देनजऱ सरकार ने इसे उच्च क्षमता वाले शहरों में भी लागू किया है। अभी तक विभाग ने 1051 एकड़ क्षेत्र पर 107 लाईसेंस प्रदान किए है, जिससे 20819 रिहायशी प्लाट आम जनता के लिए उपलब्ध हो गए हैं। इसके अतिरिक्त 39 एल.ओ.आई 415 एकड़ क्षेत्र पर जारी कर दिए गए हैं, जिससे 7392 रिहायशी प्लाट मध्यम वर्ग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। इसके तहत 1250 एकड़ भूमि के लिए 120 आवेदन और प्राप्त हुए हैं, जिन्हें शीघ्र विभाग द्वारा लाईसेंस प्रदान किये जाएंगे। इससे लगभग 22220 अतिरिक्त रिहायशी प्लाट उपलब्ध होंगे।  प्रदान किए गए लाईसेंसों में से 6 कॉलोनियों के कम्पलीशन सर्टिफिकेट भी जारी किए जा चुके हैं। इन कॉलोनियों में कुल 950 रिहायशी प्लाट तथा 2850 रिहायशी यूनिट्स उपलब्ध करवाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन 250 लाइसेंस मिलने से लगभग 1 लाख 50 हजार लोंगों को सुविधा मिलेगी।

        इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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राज्य के 5 मैट्रो स्टेशनों का नाम बदला गया

महापुरुषों के नाम पर रखे गए नए नाम

 

चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि जिला फरीदाबाद के मुजेसर (वाईएमसीए चौक) से बल्लभगढ़ तक मैट्रो लाइन लगभग तैयार है और इसका उदघाटन शीघ्र ही किया जाएगा।

        मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी ।

        उन्होंने कहा कि यह मेट्रो लाइन 3.205 किलोमीटर लंबी है और इस पर लगभग 580 करोड़ रुपये का खर्च आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजेसर (वाईएमसीए चौक) से बल्लभगढ़ तक 2 मैट्रो स्टेशनों का नाम बदला गया है, जिसमें एनसीबी कॉलोनी मैट्रो स्टेशन का नाम संत सूरदास सिही मैट्रो स्टेशन रखा गया है। इसी प्रकार बल्लभगढ़ मैट्रो स्टेशन का नाम राजा नाहर सिंह मैट्रो स्टेशन रखा गया है।

 

बहादुरगढ़ से मुंडका मैट्रो लाइन पर पड़ने वाले मैट्रो स्टेशन के नये नाम

जिला पुराना नाम नया नाम
झज्जर एमआईई मैट्रो स्टेशन पंडित श्री राम शर्मा
झज्जर बस स्टैंड मैट्रो स्टेशन बहादुरगढ़ सिटी मैट्रो स्टेशन
झज्जर सिटी पार्क मैट्रो स्टेशन ब्रिगेडियर होशियार सिंह मैट्रो स्टेशन
 

मुजेसर (वाईएमसीए चौक) से बल्लभगढ़ मैट्रो लाइन पर पड़ने वाले मैट्रो स्टेशन के नये नाम

फरीदाबाद-पलवल एनसीबी कॉलोनी मैट्रो स्टेशन संत सूरदास सिही मैट्रो स्टेशन
फरीदाबाद-पलवल बल्लभगढ़ मैट्रो स्टेशन राजा नाहर सिंह मैट्रो स्टेशन

        मुख्यमंत्री ने बताया कि बहादुरगढ़ से मुंडका मैट्रो लाइन पर पड़ने वाले 3 मैट्रो स्टेशन के नाम भी बदले गए हैं, जिनमें एमआईई मैट्रो स्टेशन का नाम पंडित श्री राम शर्मा, बस स्टैंड मैट्रो स्टेशन का नाम बहादुरगढ़ सिटी मैट्रो स्टेशन और सिटी पार्क मैट्रो स्टेशन का नाम ब्रिगेडियर होशियार सिंह मैट्रो स्टेशन रखा गया है।

        उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान 3 मैट्रो लाइनें शुरू की गई हैं, जिनमें फरीदाबाद में बदरपुर से मुजेसर (वाईएमसीए चौक), गुरुग्राम में सिकंदरपुर मैट्रो स्टेशन से सेक्टर-56 तथा बहादुरगढ़ से मुंडका मैट्रो लाइन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह कुल मैट्रो लाइन 25.25 किलोमीटर है और जिस पर 4650.36 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है।

        इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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गणेश चतुर्थी पर मुख्यमंत्री की मनोहरी सौगात

गुरुग्राम की तर्ज पर फरीदाबाद में मैट्रोपोलिटिन डेवलेपमेंट ऑथोरिटी की होगी स्थापना

चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज गणेश चतुर्थी के अवसर पर राज्य के फरीदाबाद जिला के निवासयिं को एक ओर मनोहरी तोहफा देते हुए घोषणा की कि गुरुग्राम मैट्रोपोलिटिन डेवलेपमेंट एथोरिटी की तर्ज पर राज्य सरकार फरीदाबाद मैट्रोपोलिटिन डेवलेपमेंट ऑथोरिटी (एफएमडीए) की भी स्थापना करेगी।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण की तर्ज पर सरकार फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण की भी शीघ्र स्थापना करने जा रही है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के विकास हेतु वहां के वासियों की स्थानीय विकास प्राधिकरण के गठन की मांग को पूरा करते हुए राज्य सरकार ने 12 अगस्त, 2017 को गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण की स्थापना की है ताकि गुरुग्राम वासियों को मूलभूत सुविधाए उपलब्ध कराई जा सकें एवं उनकी शिकायतों का निवारण तुरन्त किया जा सके। प्राधिकरण द्वारा भूमि उपयोग में परिवर्तन, भवन प्लान, राईट ऑफ वे अनुमति, स्टेडियम बुकिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लान आदि सेवाओं को ऑनलाईन किया गया है। गुरुग्राम महानगरीय क्षेत्र की मोबिलिटी प्लान तैयार करने की प्रक्त्रिया शुरू की जा चुकी है जिसके लिए एक फर्म के साथ अनुबन्ध किया गया है। इसके अलावा, क्षेत्र का इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास प्लान बनाने की प्रकिया शुरू की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि जीएमडीए ने पेपरलैस प्रणाली को अपनाया है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में उनके द्वारा गुरुग्राम में सिटी बस सर्विस की शुरुआत की गई है, जिसके पहले चरण में 25 बसें संचालित की जा चुकी हैं और नई 200 बसों का टेंडर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम में जीएमडीए द्वारा 1001 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं और इन कार्यों की अनुमति वहीं पर ही दे दी जाती है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम शहर में सरकार द्वारा निःशुल्क ऑपटिकल फाइबर की एक लाइन की सर्विस दी जा रही है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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करनाल में खोला जाएगा एपीलियेट ट्रिब्यूनल का कार्यालय

चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथरिटी (रेरा) में न सुलझे विवादों की अपील के लिए करनाल  में एपीलियेट ट्रिब्यूनल का कार्यालय खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रिब्यूनल के चयेरमैन की नियुक्ति हो गई है।

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी ।

उन्होंने कहा कि बिल्डरों और उपभोक्ताओं के बीच होने वाले विवादों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने रेरा बनाने के लिए एक बिल पास किया और इस बिल के तहत राज्य सरकारों ने अपने यहां रेरा ऑथरिटी गठित की, लेकिन देश में हरियाणा एक मात्र ऐसा राज्य है जहां रेरा की दो ऑथरिटियां गठित की गई हैं ताकि लोगों के विवादों को जल्द से जल्द निपटाया जा सके। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के लिए विशेष रूप से रेरा की एक ऑथरिटी बनाई गई हैं और शेष हरियाणा के लिए अलग से ऑथरिटी पंचकूला में है। इस लिए इन दोनों ऑथरिटियों में न सुलझने वाले विवादों की अपील करने के लिए लोगों को सुविधा मिले, इसको देखते हुए एपीलियेट ट्रिब्यूनल का कार्यालय करनाल में खोल जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यद्यपि प्रदेश का छोटा भूगोलिक आकार होते हुए भी यह कदम सरकार ने लोगों की सुविधा एवं आसान पहुंच हेतु उठाया है। यदि लाईसेंस धारक दोषी पाया जाता है तो 2017 के नियमों में दण्ड तथा जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। अभी तक इन ऑथोरिटियों में 842 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें से 209 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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वर्तमान सरकार ने सबसे ज्यादा 169 सैक्टर किये स्थानीय निकायों को हस्तांतरित

चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित 297 सैक्टरों में से 169 सैक्टर अभी तक स्थानीय निकायों को हस्तांतरित कर दिये हैं जबकि वर्तमान सरकार के कार्यभार संभालने से पहले केवल 44 सैक्टर ही स्थानीय निकायों को हस्तांतरित किए गए थे।

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार से 213 सेक्टर यूएलबी को हस्तांतरित किये जा चुके हैं तथा 84 सैक्टर अभी शेष हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1975 से वर्तमान सरकार के गठन तक विभाग द्वारा 33207 एकड़ भूमि पर 1534 लाईंसेंस प्रदान किए गए थे परन्तु किसी भी कॉलोनी को स्थानीय निकाय को हस्तांतरित नहीं किया था, जिससे इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं के रख-रखाव में बहुत सारी समस्याएं थी। इन समस्याओं के समाधान हेतु पुरानी कॉलोनियों को ’’जैसा है जहां है आधार पर’ नगर-निगमों को सौंपने का निर्णय लिया है। इन कॉलोनियों में अपर्याप्त बुनियादी सुविधाओं (सड़कें, बिजली, पानी, सीवर आदि) को पूरा करने का खर्च उसी बिल्डर की ही जिम्मेवारी होगी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल में 8 कॉलोनियां हस्तांतरति की जा चुकी हैं और 3 पाइपलाइन में हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री की राज्य की जनता को मनोहरी सौगात

अब प्रदेशवासी बिना एनओसी के बना सकेंगे चौथी मंजिल

चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कृषि जोन में शैक्षणिक संस्थानों को सीएलयू की अनुमति देने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए एनओसी को समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा ग्रीन बिल्डिंग में 3 से 15 प्रतिशत तक एफएआर में छूट दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में की।

उन्होंने बताया कि कृषि जोन में शैक्षणिक संस्थाओं को स्थापित करने के लिए सीएलयू की अनुमति हेतु राज्य सरकार से जोनिंग विनियमों एवं नियमों में ढील/छूट ली जानी अनिवार्य थी जिससे लोगों को लम्बी प्रकिया से गुजऱना पड़ता था तथा उनके धन एवं समय की हानि होती थी। वर्तमान सरकार ने नई नीति बनाई जिसके अनुसार शैक्षणिक संस्थान अब कृषि जोन में अनुज्ञेय हैं और अब इन गतिविधियों के लिए लोगों को सरकार से छूट लेने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने बताया कि राज्य में बिल्डिंग बायलॉज में एकरूपता लाने के लिए हरियाणा भवन संहिता, 2017 बनाया गया है। अब पूरे राज्य में सभी विभाग इसी कोड के तहत अनुमति प्रदान करते हैं। सभी रिहायशी प्लाट भवन योजना एवं कब्जा प्रमाणपत्र  हेतु स्व-प्रमाणीकरण प्रणाली लागू की गई है। 2000 वर्ग मीटर के वाणिज्यिक प्लाट के लिए बिल्डिंग प्लान पर स्व-प्रमाणीकरण लागू किया गया है।  1000 वर्ग मीटर तक के कब्जा प्रमाणपत्र हेतु स्व-प्रमाणीकरण लागू किया गया है तथा 1001 से 2000 वर्ग मीटर आकार के एवं 15 मीटर की उंचाई के वाणिज्यिक भवनों पर भी तृतीय पार्टी प्रमाणीकरण लागू किया गया है।  इसके अतिरिक्त, औद्यौगिक प्लाटों पर भी भवन योजना एवं कब्जे हेतु स्व-प्रमाणीकरण लागू किया गया है। रिहायशी भवन में चार मंजिल का प्रावधान किया गया।

उन्होंने बताया कि संस्थागत एवं शैक्षणिक भवनों  के लिए 150 प्रतिशत एफएआर भी दिया गया है, जोकि पहले 100 प्रतिशत था। रिहायशी क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या का निवारण करने हेतु स्टिल्ट का प्रावधान भी किया गया एवं 150 वर्ग मीटर या इससे अधिक के हरेक रिहायशी प्लाट में कार बे देने के लिए अनिवार्य कर दिया गया। रिहायशी प्लाटों में बेसमेंट का रिहायशी उपयोग करने की अनुमति दी गई है।  ग्रीन बिल्डिंग के मानदण्डों को अपनाने वाले भवन मालिकों को 3 से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त एफएआर का लाभ दिया जाता है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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ऑनलाइन नीलामी से भ्रष्टाचार में आई कमी- मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभालते ही सीएलयू के मामलों में होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए हैं तथा सरकार ने 10 नवम्बर, 2017 को नयी पॉलिसी बनाई है जिसमें आवेदनकर्ताओं से आवेदन मांगे जाएंगे तथा इन आवदेनों के तहत खुली बोली लगाकर लाईसैंस व सीमित संख्या में सीएलयू दिए जाएंगे। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और प्रक्त्रिया पारदर्शी हुई है।

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी ।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार सीएलयू के मामलों में ही होता था। उस समय हरियाणा में कालोनियों के लाइसेंस व सीएलयू देने के अधिकार निदेशक, नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग से छीनकर मुख्यमंत्री ने अपने पास ले लिये थे, हमने उस आदेश को निरस्त करके बड़े भ्रष्टाचार को जड़ से काटा। अब कॉलोनियों के लाइसेंस व सीएलयू देने के अधिकार निदेशक नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग को सौंप दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की लाईसेंसिगं/सी.एल.यू. पॉलिसी में भी संशोधन किया गया है। पहले  ग्रुप हाउसिंग, कॉमर्शियल तथा आई.टी. पार्क जैसी कॉलानियों के लाईसेंस ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर दिए जाते थे, जिससे लाईंसेंस प्रदान करने में पूर्ण पारदर्शिता नहीं थी। वर्तमान सरकार ने 10 नवम्बर, 2017 को एक नई नीति बनाई, जिसमें आवेदनकर्ताओं से एक मुश्त आवेदन मांगे जाते हैं। सभी आवेदनों को पारदर्शी प्रक्त्रिया के तहत खुली बोली लगाकर लाईसेंस प्रदान किए जाएंगे। लाईंसेंस के अलावा सीएलयू के उन मामलों, जहां सीमित अनुमतियां दी जानी हैं, को भी इसी प्रक्त्रिया अनुसार खुली बोली द्वारा अनुमति प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक सी.एल.यू. अनुमति देने और कॉलोनियों के लाईसेंस प्रदान करने की शक्तियों का विकेन्द्रीकरण भी किया गया है। एक एकड़ तक की औद्योगिक सी.एल.यू. प्रदान करने की शक्तियां उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कमेटी को प्रदान कर दी है। बड़ी इकाइयों को मंजूरी देने के लिए राज्य स्तर पर एम्पॉवरड एग्जिक्यूटिव कमेटी को शक्तियां प्रदान की गई हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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सरकार लाएगी ई.डी.सी. की नई रिशेडूयलमेन्ट पॉलिसी

ई.डी.सी. की रिकवरी में होगी आसानी

पॉलिसी के आने से लंबित परियोजनाएं होंगी पूरी

चंडीगढ़, 13 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार ई.डी.सी. की नई रिशेडूयलमेन्ट पॉलिसी लागू करने जा रही है, जिससे ना केवल ई.डी.सी. की रिक्वरी हो पाएगी बल्कि लम्बित परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी।

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी ।

लाईंसेंस कॉलोनियों की ई.डी.सी की रिक्वरी के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के गठन से पूर्व लाईंसेंस कॉलोनियों में 13881 करोड़ रुपये की ई.डी.सी की बकाया राशि थी जिसमें से वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 6512 करोड़ रुपये की रिक्वरी की जा चुकी है। ईडीसी की बकाया राशि के कारण इन कॉलोनियों के अलॉटियों को समय पर अपने प्लाट/फ्लैटों का कब्ज़ा नहीं मिल रहा था। राज्य सरकार ई.डी.सी. की नई रिशेडूयलमेन्ट पॉलिसी लागू करने जा रही है, जिससे ना केवल ई.डी.सी. की रिक्वरी हो पाएगी बल्कि लम्बित परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी।

एन्हांसमेंट का जिक्त्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने निर्णय लिया कि जिस पर  एन्हांसमेंट आई है उसे एक ही बार में सारी राशि की जानकारी दे दी जाए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। उन्होंने कहा कि एन्हांसमेंट से संबंधित ऽवन टाइम सेटलमैंट स्कीमऽ शुरू की गई जिसके तहत 40 प्रतिशत छूट के साथ अपना एन्हांसमेंट का बकाया जमा करवाने के लिए  कहा गया। उन्होंने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पोर्टल पर प्रतिदिन संबंधित प्लॉट के एन्हांसमेंट की जानकारी अपडेट होती रहती है। उन्होंने कहा कि 60 हजार अलॉटियों का 3200 करोड़  रुपये लंबित था, जिसमें से इस योजना के लागू करने के बाद एक माह के भीतर 1418 करोड़ रुपये सैटल हो चुके हैं और शेष 1800 करोड़ रुपये बकाया हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के बाद भी कुछ लोगों ने लगभग 20 बिंदुओं पर अपने एन्हांसमेंट की रि-कैल्कुलेशन करने को कहा  और इसके लिए जल्द ही नई नीति लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि इस नीति के समाप्त होने के पश्चात भी किसी की एन्हांसमेंट रह जाती है तो सेक्टर अनुसार एन्हांसमेंट  की रि-कैल्कुलेशन की जाएगी।

उन्होंने बताया कि किसानों को र्वा 2014 तक 20500 करोड़ रुपये मुआवजा देना था, जिसमें से 10 हजार करोड़ रुपये मूल बकाया था तथा 10500 करोड़ रुपये एन्हांसमेंट थी। इसमें से कुछ राशि मुआवजे के तौर पर वितरित की जा चुकी है, जिसमें से अब किसानों को 14500 करोड़ रुपये मुआवजा देना शेष है। उन्होंने कहा कि सरकार की गारंटी पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को 4500 करोड़ रुपये का ऋण दिलवाया जाएगा। इसके अलावा प्राधिकरण को हर महीने 800 से 900 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजा देने के लिए प्राधिकरण ने मुआवजा देने के लिए एक प्राथमिक सूची भी तैयार की गई है और उसी अनुरूप क्लेम निपटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एचएसआईआईडीसी ने नो-एन्हांसमेंट पॉलिसी बनाई है, जिसके तहत 20 प्रतिशत की राशि का एक फंड रखा गया है, यदि कोई एन्हांसमेंट आती है तो इस फंड से उस एन्हांसमेंटी की पूर्ति की जाएगी।

उन्होंने बताया कि आउसटीज मामलों को निपटाने के लिए 7946 प्लॉट आवंटित किये जाएंगे और इसके लिए सरकार नियमों में छूट देने को भी तैयार है। उन्होंने कहा कि विभाग की 73 सीएम अनाउसमेंट हैं, जिसमें से 49 पर कार्य चल रहा है या पूरी हो चुकी हैं तथा 24 शेष हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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सरकार पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशनों की साइटों को ऑयल कंपनियों को देगी लीज पर

चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशनों की साइटों को ऑयल कंपनियों को लीज पर देगी और यदि ये कंपनियां इन साइटों को आगे किसी अन्य कंपनी को देना चाहती है या स्वयं इसे संचालित करना चाहती है वो कंपनी पर निर्भर करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी ।

उन्होंने कहा कि यह प्रकिया अगले महीने से शुरू हो जाएगी और कंपनियां इन साइटों के लिए बिड करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए 2122 साइटें दी हैं, जिनका रिजर्व रेट 2300 करोड़ रुपये था, लेकिन निलामी के पश्चात सरकार को 2831 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई, जिससे 531 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा हुआ।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह व निदेशक श्री के.एम. पांडूरंग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन भी उपस्थित थे।

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राज्य में जल्द ही 47 आवासीय सेक्टरों को किया जाएगा विकसित

चंडीगढ़, 13 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य में जल्द ही 47 आवासीय सेक्टरों को विकसित किया जाएगा, जिसमें 30470 प्लॉटों का फलोटेशन होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में 9 सेक्टर फलोट होंगे, जिनमें महेंद्रगढ़, भिवानी, डबवाली, यमुनानगर, पिंजौर, तावडू और झज्जर इत्यादि शहर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डिफेंस के लोगों के लिए डिफेंस सेक्टर भी फलोट किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर 2-2 किलोमीटर के क्षेत्र में 5 बड़े शहर (पंचग्राम) विकसित किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी आज यहां नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की उपलब्धियों के संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी ।

उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान महेंद्रगढ़ में 3, भिवानी में 1, यमुनानगर में 1, डबवाली में 1, तावडू में 1 और पिंजौर में भी 1 सेक्टर फलोट होगा। इसके अलावा झज्जर में डिफेंस के लोगों के लिए विशेष तौर पर एक डिफेंस सेक्टर फलोट किया जाएगा।

जिला/शहर सेक्टरों के नाम संख्या
महेंद्रगढ़ सेक्टर-9 ए, 10, 11-पार्ट 3
भिवानी सेक्टर-23 पार्ट 2 1
यमुनानगर सेक्टर-24 1
डबवाली सेक्टर-10

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