Home » सेल के ध्वजवाहक यूनिट भिलाई इस्पात संयंत्र में तैयार किया गया प्लेट आज देश की युद्धपोत का हिस्सा बनकर देश की रक्षा में तैनात होने जा रहा है, देश की नौसेना में शामिल होने जा रहा स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस विक्रांत बनकर तैयार हो चुका है। जिसके ट्रायल के लिए 4 अगस्त को समुंद्र में उतारा गया। बीएसपी के डीएमआर 249 ए ग्रेड के स्टील प्लेटों से निर्मित युद्धपोत आईएनएस विक्रांत के नौसेना के रक्षा बेड़े में शामिल होने से आज भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी गौरवाविन्त हैं।
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सेल के ध्वजवाहक यूनिट भिलाई इस्पात संयंत्र में तैयार किया गया प्लेट आज देश की युद्धपोत का हिस्सा बनकर देश की रक्षा में तैनात होने जा रहा है, देश की नौसेना में शामिल होने जा रहा स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस विक्रांत बनकर तैयार हो चुका है। जिसके ट्रायल के लिए 4 अगस्त को समुंद्र में उतारा गया। बीएसपी के डीएमआर 249 ए ग्रेड के स्टील प्लेटों से निर्मित युद्धपोत आईएनएस विक्रांत के नौसेना के रक्षा बेड़े में शामिल होने से आज भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी गौरवाविन्त हैं।

देश के लिए 4 अगस्त का दिन  इतिहास में एक स्वर्णिम दिन के रूप में जाना जाएगा। क्योंकि स्वदेशी प्लेटों से निर्मित युद्धपोत आईएनएस विक्रांत जो नौसेना की ताकत बनकर समुद्री सीमा पर देश की रक्षा करने के लिए तैनात किया जाएगा , आईएनएस विक्रांत के क्षमता की बात की जाए तो नौसेना में शामिल होने जा रहे सबसे बड़े विमान वाहक युद्धपोत में 24 मिग-29 फाइटर प्लेन को रखा जा सकता है। समुद्र के बीचो-बीच आई एन एस विक्रांत विमान वाहक के रूप में तैनात किया जाएगा 40,000 टन वजनी इस विशाल युद्धपोत की लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 65 मीटर व ऊंचाई 59 मीटर है। इसके अंदर 2300 कम्पार्टमेंट बने हुए हैं। वही इस युद्धपोत में 17 सौ लोगों को ले जाया जा सकता है। इतने बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर रखने वाले देशों में अब भारत भी शामिल हो चुका है। भिलाई स्टील प्लांट कब तक 30,000 टन से अधिक विदेश ग्रेड की प्लेटों की सप्लाई नौसेना को कर चुका है आईआरएस प्रमाणीकरण के बाद से ही भिलाई स्टील प्लांट नौसेना की शिपयार्ड में बनने वाले युद्ध पोतों के लिए विशेष ग्रेड डीएमआर 249 ग्रेड के प्लेटो की सप्लाई करता आ रहा है। इससे पहले इन प्लेटो की सप्लाई रूस से की जाती थी। लेकिन मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत अब भारत में ही इसका निर्माण संभव हो सका है। भारत के सुरक्षा बेड़े में सबसे बड़े युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर के रूप में आईएनएस विक्रांत के शामिल होना पूरे देश व भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के लिए एक गौरवशाली क्षण के रूप में शामिल हो चुका है।
मोनिका शर्मा
रायपुर

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