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मुख्यमंत्री दिल्ली कैबिनेट ने आश्रम फ्लाईओवर विस्तार को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री  दिल्ली कैबिनेट ने आश्रम फ्लाईओवर विस्तार को दी मंजूरी
नोएडा से दिल्ली वाया डीएनडी आना-जाना होगा जाम मुक्त, दिल्ली के अन्य हिस्से से साउथ दिल्ली आना-जाना भी होगा आसान
  128.95 करोड़ की लागत से एक साल में होगा निर्माण, जल्द प्रारंभ होगी टेंडर प्रक्रिया
नई दिल्ली ,५ दिसंबर ,२०१९( वरुण भरद्वाज द्वारा ) :  नोएडा व गाजियाबाद से दिल्ली आना-जाना व दिल्ली के अन्य हिस्सों से साउथदिल्ली आना-जाना अब जाम मुक्त होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने आश्रम विस्तार फ्लाईओवर योजना को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत रिंग रोड पर आश्रम फ्लाईओवर को डीएनडी फ्लाई वे तक विस्तार दिया जाएगा। यह 6 लेने का होगा। तीन लेन आश्रम से डीएनडी जाने के लिए व तीन लेन डीएनडी से आश्रम आने के लिए होगी। साथ ही आश्रम फ्लाईओवर से सराय कालेखां जाने के लिए तीन लेन का डाउन रैंप का निर्माण होगा। इसके अलावा आईटीओ व सराय कालेखां से साउथ दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए तीन लेन का अप रैंप डीएनडी लूप से इस फ्लाईओवर के लिए बनेगा। इस योजना पर कुल 128.95 करोड़ रुपये की लागत आएगी। साथ ही एक साल में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि फ्लाईओवर के विस्तार से आश्रम व महारानी बाग के पास लगने वाले जाम से लोगों को मुक्ति मिल जाएगी। इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आश्रम फ्लाईओवर से डीएनडी लूप तक रिंग रोड पर पीक ऑवर्स के दौरान भारी भीड़ होती है।  जिससे आश्रम-डीएनडी के बीच जाम लग जाता है। अब आश्रम फ्लाईओवर विस्तार योजना से लोगों को इस जाम से मुक्ति मिलेगी।

इनका होगा निर्माण

मुख्यमंत्री  दिल्ली कैबिनेट ने आश्रम फ्लाईओवर विस्तार को दी मंजूरी

– 6 लेन का आश्रम विस्तार फ्लाईओवर
– 3 लेन रैंप साउथ दिल्ली से सराय कालेखां जाने के लिए रैंप
– 3 लेन रैंप आईटीओ व सराय कालेखां से साउथ दिल्ली जाने के लिए
– महारानी बाग रेड लाईट पर पैदल यात्रियों के लिए सब वे
– फ्लाईओवर पर एलईडी लाईट
– पिलर पर आर्ट वर्क
– रैंप समेत कुल लंबाई 1425 मीटर
पीक आवर में प्रति घंटे इतने वाहनों को होगा फायदा
कुल वाहन – लगभग 13500
नोएडा व गाजियाबाद से आने वाले वाहन –  लगभग 7500
दिल्ली के अन्य हिस्से से साउथ दिल्ली जाने वाले वाहन – लगभग 6000एनडी लूप से आश्रम चौराहे तक रिंग रोड पर लगता है लंबा जाम
अभी नोएडा व गाजियाबाद से साउथ दिल्ली आने-जाने वाले वाहनों को डीएनडी लूप से आश्रम चौराहे तक जाने के लिए जाम से जूझना पड़ता है। साथ ही आईटीओ व सराय कालेखां से साउथ दिल्ली जाने वालों को जाम से दो-चार होना पड़ता है। लोगों को कई बार दफ्तर आने-जाने में देर हो जाती है। साथ ही देश का ईंधन बर्बाद होता है। कई बार लोगों को इस चौराहे तक जाने में आधे घंटे का समय भी लग जाता है। इससे लाखों लोगों को परेशानी होती थी। अब आश्रम विस्तार फ्लाईओवर योजना से लाखों लोगों को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर तैयार हुआ प्लान
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आश्रम फ्लाईओवर के पास लगने वाले जाम से निपटने के लिए प्लान बनाने का निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिया था। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने फिजिब्लिटी रिपोर्ट तैयार कराई। जिसमें आश्रम फ्लाईओवर को विस्तार देने की बात सामने आई। इससे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अवगत कराया गया। उन्होंने तत्काल फ्लाईओवर को विस्तार देने की योजना बनाने को कहा। जिसके बाद बृहस्तपतिवार को लोक निर्माण विभाग ने कैबिनेट में फ्लाईओवर विस्तार की योजना रखी। जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
किलोकरी से सड़क पार करने के लिए नहीं लगाना होगा 4 किलोमीटर का चक्कर
आश्रम विस्तार फ्लाईओवर के निर्माण के बाद किलोकरी से सड़क पार करने के लिए चार किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अब किलोकरी से रिंग रोड पर केवल डेढ़ सौ मीटर चलने के बाद यू टर्न लेकर वाहन चालक सड़क पार कर सकेंगे। साथ ही वह महारानी बाग या साउथ दिल्ली की ओर जा सकेेंगे।
इसी तरह महारानी बाग से सराय कालेखां, नोएडा, आईटीओ व गाजियाबाद जाने के लिए एक किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना होगा। अब रिंग रोड पर डेढ़ सौ मीटर चलकर यू टर्न लेकर गंतव्य की ओर वाहन चालक जा सक
रिंग रोड पर सड़क पार करने के लिए हजारों पैदल यात्रियों को जान जोखिम में डालना नहीं पड़ेगा
अभी रिंग रोड पर सड़क पार करने के लिए महारानी बाग रेड लाईट का पैदल यात्री सहारा लेते हैं। इस योजना के बाद रेड लाईट को खत्म कर दिया जाएगा। साथ ही वहां पैदल यात्रियों के लिए सब वे का निर्माण होगा। जिसके सहारे पैदल यात्री बगैर रूके सुरक्षित रूप से आ-जा सकेंगे।
यह भी होगा फायदा
 नोएडा व गाजियाबाद से एम्स, सफदरजंग, एस्कार्ट, अपोलो अस्पताल आने-जाने वाले यात्रियों को अभी जाम में जूझना पड़ता है। इस योजना के बाद लोग बगैर जाम में फंसे आ-जा सकेंगे।
– आईटीओ व सराय काले खां से साउथ दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को भी जाम में नहीं जूझना होगा।
– प्रति दिन हजारों लीटर ईंधन की बचत होगी।
– लोग समय से दफ्तर जा सकेंगे।
दिल्ली को महिलाओं को सुरक्षित करने की मुख्यमंत्री की पहल, पुराने डीटीसी व क्लस्टर बसों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
 – बसों में पैनिक बटन व ऑटोमैटिक व्हीकल लोकेशन सिस्टम भी लगाया जाएगा  –  मुख्यमंत्री श्री  अरविंद केजरीवाल
– महिलाओं में सुरक्षा का भाव बढ़ाने के लिए बसों की ऐप-आधारित लाइव जानकारी मिलेगी –  श्री  अरविंद केजरीवाल
दिल्ली में महिलाओं के लिए बसों का सफर सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा निर्णय लिए हैं। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि दिल्ली में चल रही सभी डीटीसी व क्लस्टर बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही पैनिक बटन और जीपीएस आधारित ऑटोमैटक व्हीकल लोकेशन सिस्टम भी लगाया जाएगा। साथ ही महिलाओं में सुरक्षा का भाव बढ़ाने के लिए बसों को वन ऐप से जोड़ा जाएगा। जिससे महिलाएं बस की लाईव लोकेशन की जानकारी भी मिलेगी। इस योजना के तहत 100 बसों में इस माह के अंत के सीसीटीवी, पैनिक बटन व जीपीएस आधारित ऑटोमैटक व्हीकल लोकेशन सिस्टम लग जाएगा। सभी बसों में सात माह के अंदर यह सिस्टम लग जाएगा। इसके लिए एक कमांड सेंटर भी बनाया जाएगा।
 मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और पीडब्ल्यूडी मंत्री सतेंद्र जैन के साथ प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि दिल्ली में पुराने डीटीसी और क्लस्टर बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और जीपीएस आधारित ऑटोमैटिक व्हीकल लोकेशन सिस्टम लगे हैं। इसी तरह पुराने बस में भी यह सिस्टम लगाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इससे दिल्ली में महिला यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी। साथ ही वह ऐप से बस की सूचना भी ले सकेंगी।
5500 बसों में लगेगा सिस्टम – श्री अरविंद केजरीवाल
मुख्यमंत्री  श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम काफी समय से इस योजना को लागू करने के प्रयास में थे। पहले के तीन टेंडर पिछले तीन-चार साल में फेल हो गए। अब टेंडरिंग प्रक्रिया सफल हो गई है। कैबिनेट ने इस पर कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के तहत, दिल्ली में लगभग 5500 डीटीसी और क्लस्टर बसों में सीसीटीवी, पैनिक बटन (प्रत्येक बस में 10) और जीपीएस आधारित स्वचालित वाहन स्थान प्रणाली स्थापित की जाएगी। अगर कोई भी व्यक्ति पैनिक बटन दबाता है, तो तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट किया चला जायेगा और उसे तत्काल मदद दी जाएगी। पूरी प्रणाली को नियंत्रित करने और निगरानी करने के लिए एक केंद्रीकृत कमांड रूम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के दो प्रमुख लाभ हैं। पहला, सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन खतरों को रोकने और बसों में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करेंगे। दूसरा, यात्रियों को जीपीएस आधारित स्वचालित वाहन स्थान प्रणाली द्वारा संचालित मोबाइल ऐप पर बसों के आगमन का स्थान और अपेक्षित समय की जानकारी मिल जाएगी। यह सुविधा नहीं होने की वजह से अभी तक यात्रियों को बसों के आगमन का समय और स्थान के बारे में सही पता लगा पाना मुश्किल था। अब यह दिल्ली के लोगों के लिए एक पुरानी बात हो जाएगी
150 करोड़ की लागत आएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दिसंबर के अंत तक 100 बसों पर इन सुविधाओं को शुरू करने की योजना बना रहे हैं। 5500 बसों में परियोजना को पूरा करने और ऐप-आधारित स्वचालित वाहन स्थान प्रणाली को पूरी तरह कार्यात्मक बनाने में छह महीने लगेंगे। इस परियोजना की कुल लागत 150 करोड़ रुपये आंकी गई है। ऐप लगभग बन कर तैयार हो चुका है। एक बार पूरी व्यवस्था लागू होने के बाद, बसों की जानकारी – स्थान, आगमन का समय आदि, शहर भर के बस स्टॉप पर प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना यात्रियोंकी, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे उपायों का एक महत्वपूर्ण कारण बनेगा।
बस मार्शल की वजह से सुरक्षित हुआ बसों का सफर
मुख्यमंत्री श्री  अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बसों में मार्शल नियुक्त होने से बसों का सफर सुरक्षित हुआ है। मार्शलों की वजह से कई घटनाएं रूक गई हैं। साथ ही
कई घटनाओं का पर्दाफाश बस मार्शलों की वजह से हुआ है।
बस की ले सकेंगे लाईव जानकारी
मुख्यमंत्री श्री  अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जीपीएस आधारित ऑटोमैटक व्हीकल लोकेशन सिस्टम के माध्यम से सभी बसों को वन एप से जोड़ा जाएगा। जिससे कोई भी यात्री किसी बस की लाईव लोकेशन ले सकेगा। साथ ही बस स्टाँप पर डिस्प्ले की व्यवस्था होगी। जिससे स्टाँप पर खड़े यात्री को बस की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।\
एक बस में लगेंगी इतनी चीजें
– 3 सीसीटीवी कैमरे
– 10 पैनिक बटन
– जीपीएस आधारित ऑटोमैटक व्हीकल लोकेशन सिस्टम.

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SK Vyas

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