Home » मानव अपने कर्मों के कारण मृत्यु के बाद भी जिंदा रहता है: आर्य
Hindi News

मानव अपने कर्मों के कारण मृत्यु के बाद भी जिंदा रहता है: आर्य

मानव अपने कर्मों के कारण मृत्यु के बाद भी जिंदा रहता है: आर्य
-डा. जे.एस. यादव की पुण्यतिथि पर हवन एवं श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया

नारनौल,24अक्टूबर,2020: आर्य समाज के विद्वान कप्तान जगराम आर्य ने कहा कि मानव अपने कर्मों के कारण मृत्यु के बाद भी जिंदा रहता है। धार्मिक ग्रंथों के अतिरिक्त समाज में भी व्यक्ति के उन गुणों को याद किया जाता है, जो उसने नीजि हित की अपेक्षा समाज के लिए किये हों। वे शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और विश्व प्रसिद्ध जीव वैज्ञानिक डा. जे.एस. यादव की पुण्य तिथि के अवसर पर उनके पैतृक गांव नीरपुर में आयोजित हवन एवं श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य आज स्वामी दयानंद द्वारा दर्शाये गए इदन्न मम को अपनाएं तो समाज टूटने की अपेक्षा जुड़ेगा तथा उसमें जातिय भेद एवं अंहकार नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्वान बनने के लिए तो अनेको वर्षों तक साधना करनी ओढ़ती है लेकिन हर इंसान अपने नित्य कर्मों से धार्मिक बन सकता है। माता-पिता की सेवाएं भूखे को भोजन और पशु-पक्षियों को भोजन करवाना ही धर्म है।
इस अवसर पर साहित्यकार रघुवीन्द्र यादव ने कहा कि डा. यादव ने अपने जीवन में शिक्षा प्राप्ति के बाद कुरूक्षेत्र को अपनी कर्मस्थली बनाया। उनके जीवन के प्रत्येक पृष्ठ से कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है। डा. यादव ने सामाजिक एकता को कायम रखते हुए कुरुक्षेत्र में योगेश्वर श्रीकृष्ण भवन का निर्माण करवाकर न केवल जातिय बंधनों पर कुठाराघात किया। उन्होंने कुरुक्षेत्र में 1857 ई. के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राव तुलाराम की प्रतिमा स्थापित कर एक एतिहासिक कार्य किया। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा और महर्षि दयानंद की विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्ती भूमिका निभाई। आज युवा वर्ग एवं सभी समाजसेवियों को डा. यादव का अपना प्रेरणा.स्त्रोत मानते हुए उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर डा. यादव के सुपुत्र असीम राव, जेएस यादव की उनकी धर्मपत्नी कमला देवी, साहित्यकार रघुविन्दर यादव, सरपंच ज्ञानचंद, डा. पवन यादव, प्रवीण यादव, राजबीर, अभय सिंह बोहरा, गजेंद्र प्रधान, तपेश, सुबेदार दयानंद, सतपाल यादव, कृष्ण कमांडो, छोटेलाल पटवारी, करतार मास्टर, लालचंद यादव, डा. पवन यादव आदि उपस्थित थे।

 

All Time Favorite

Categories