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महायज्ञ के आयोजन से श्याममय हुआ शहर का माहौल

महायज्ञ के आयोजन से श्याममय हुआ शहर का माहौल -आचार्य ने बताया यज्ञ का महत्व, संकीर्तन झूमे भक्तजन
बी.एल. वर्मा द्वारा :
नारनौल,5 जनवरी 2020 :शहर के निजामपुर रोड स्थित एमएएसडी स्कूल में श्री श्याम महायज्ञ आयोजन समिति द्वारा चल रहे आठवें विराट श्री श्याम महायज्ञ के तीसरे दिन रविवार को नौ मुख्य यजमानों सहित 36 अन्य प्रतिदिन के यजमानों ने भाग लेकर यज्ञ में आहुति डाली। इससे पूर्व शनिवार रात को महायज्ञ समिति द्वारा श्याम संकीर्तन का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के प्रसिद्ध गायक कलाकारों द्वारा बाबा श्याम का गुणगान किया गया। महायज्ञ में बाबा श्याम का सजा सुंदर दरबार व यज्ञ स्थल लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है, जिसके दर्शन के लिए रोजाना सैंकड़ों भक्त आते हैं।

बाबा श्याम के आयोजन में आए भक्तों को संबोधित करते हुए हैदराबाद से पधारे आचार्य पुरुषोत्तम दास शास्त्री ने यज्ञ के महत्व के बारे में विस्तार बताया। उन्होंने बताया कि एक ओर जहां यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है, वहीं इसमें भाग लेने वालों को मनोवांछित फल की प्राप्ति भी होती है। उन्होंने बताया कि देश में नारनौल एक मात्र ऐसा स्थान है, जहां लगातार आठवीं बार इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। आचार्य ने बताया कि यज्ञशाला में मुख्य रूप से नौ कुंड बनाए गए है मध्य में बने प्रधान कुंड से समस्त फल प्राप्ति होती है।

इसके बाद ईशान में अष्टास कुंड आरोग्य प्राप्ति के लिए, पूर्व में चतुरस कुंड कार्य सिद्धि के लिए, अग्नि कोण में योनी कुंड पुत्र प्राप्ति के लिए, उत्तर में पंचकुंड वर्षा के लिए, दक्षिण में अर्धचंद्र कुंड कल्याण के लिए, वायक्ष्य में शड्स कुंड उच्छेदन के लिए, पश्चिम में वर्तुल कुंड शांतिप्राप्ति के लिए तथा नेऋत्य में त्रिकोण कुंड शत्रुनाश के लिए होता है। उन्होंने बताया कि इसी कारण इस यज्ञ में बैठकर आहुति डालने का महत्व है, क्योंकि प्रभु को खुश करने के साथ-साथ सभी मनोकांमना पूर्ण होती है। वहीं समिति के आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि इस यज्ञ स्थल के चार द्वार है, जिसमें बैठकर वेदपाठी मधुर स्वर से वेद मंत्रों का उच्चारण करते है।

आज यज्ञ में प्रधान यजमान सतीश गर्ग व अन्य में सुरेंद्र निर्मल, त्रिलोक शर्मा, सुधीर यादव, तेजप्रकाश यादव, देवेंद्र, कुलभूषण गर्ग, मनीष गुप्ता विजय गुप्ता आदि ने आहुति डाली। महायज्ञ में फलाहार सहित अन्नकूट का प्रसाद भी भक्तों को वितरित किया गया। महायज्ञ में प्रमुख रूप से संरक्षक सत्यनारायण गुप्ता प्रधान दौलतराम गर्ग, संदीप संघी, अशोक सिंघल, विनोद शर्मा, खेमचंद शर्मा, त्रिलोक सैनी, हरीश सिंघल, दिनेश भार्गव, प्रवीण पटीकरा, मदन मोहन संघी, दीपक गुप्ता, रोहताश अग्रवाल, घनश्याम गर्ग, गोपाल यादव, हन्नी अग्रवाल तथा मास्टर शिवा आदि ने अपनी सुंदर सेवाएं दी।

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