Home » मगरलोड़ के अंतर्गत गांव कोरेगांव स्थित प्राचीन कुकुर_मंदिर। एक मालिक और एक वफादार कुत्ते की कहानी लोगों की जुबानी आज भी जीवित हैं ।
Chhatisgarh

मगरलोड़ के अंतर्गत गांव कोरेगांव स्थित प्राचीन कुकुर_मंदिर। एक मालिक और एक वफादार कुत्ते की कहानी लोगों की जुबानी आज भी जीवित हैं ।

बहुत पहले की बात है मगरलोड़ क्षेत्र के शायद यही कोरेगांव में एक नायक और नायकिन थे उनके पास एक कुत्ता हुआ करता था। जब उन्हें पास धन की आवश्यकता पड़ी तो वे एक साहूकार के पास गये और अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास धन के बदले कुत्ते गिरवी रख आये थे । कुत्ता साहूकार के पास रहकर उसके घर की  चौकीदारी करने लगा । मगर एक रात साहूकार के घर चोर आ घुसे थे । वफादार कुत्ते को चोरों की मौजूदगी महसूस हुआ फिर वफादार कुत्ता भौंक-भौंकर साहूकार व सभी नौकरों को निन्द से जगाया और सभी ने चोरों को पकड़ लिया । तब साहूकार ने उस वफादार कुत्ते की वफादारी का आज पता चला । साहूकार इस घटना से  प्रभावित हुआ तथा  दयालु होकर उस वफादार कुत्ते को उसके असली मालिक के पास भेजने का फैसला कर लिया । फिर साहूकार ने वफादार कुत्ते के गले में एक चिट्ठी में बांधा जिसमें चोर वाला घटना का विवरण तथा प्रसन्न होकर वापस आपके पास भेज रहा हूँ लिखकर भेजा । जब वह वफादार कुत्ता नायक -नायकिन के पास गया तो उन दोनों को गलतफहमी हो गया कि यह साहूकार के पास से भागकर आ गया है । फिर उन्होंने बिना देर किये उस वफादार कुत्ते का सिर धड़ से अलग एक औजार से कर दिया । इस घटना के पश्चात वफादार कुत्ते के साथ साहूकार के घर में घटित सम्पूर्ण घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर उनके इस कृत्य पर पछतावा होता है फिर वे धन अर्जित कर उस वफादार कुत्ते वफादारी की याद में कुकुर मंदिर का निर्माण करते हैं ।
अनोखा कुकुर मंदिर अपनी विशेषता को लेकर पूरे इलाके में प्रसिद्ध है।
मोनिका शर्मा
रायपुर

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