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बाढ़सा में कैंसर संस्थान में प्रतिवर्ष होगा पांच लाख कैंसर मरीजों का प्रतिवर्ष ईलाज -स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा व कृषि मंत्री धनखड़ ने किया कैंसर संस्थान का निरीक्षण

बाढ़सा में कैंसर संस्थान में प्रतिवर्ष होगा पांच लाख कैंसर मरीजों का प्रतिवर्ष ईलाज  -स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा व कृषि मंत्री धनखड़ ने किया कैंसर संस्थान का निरीक्षण
सुरेंद्र व्यास द्वारा 
बाढ़सा( हरियाणा ) चंडीगढ़, 12 फरवरी,2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय कैंसर संस्थान बाढ़सा (झज्जर) का शुभारंभ करने उपरांत केंद्रीय स्वास्थ्य 
मंत्री जे.पी.नड्डा और बादली से विधायक एवं हरियाणा सरकार में कृषि मंत्री औम प्रकाश धनखड़ ने एम्स अधिकारियों के साथ नवनिर्मित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का दौरा किया। 
इस दौरान एम्स निदेशक मंत्रीगण को जानकारी देते हुए बताया कि कैंसर संस्थान में हास्पिटल ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, गेस्ट हाउस, शैक्षणिक ब्लॉक, डाईग्रोस्टिक ब्लॉक, प्रशासन व अनुसंधान ब्लॉक, रिसर्च ब्लॉक, सर्विस ब्लॉक के अतिरिक्त रिहायशी ब्लॉक बनाए गए हैं। निदेशक ने बताया कि लगभग 60 एकड़ में निर्मित संस्थान के निर्माण पर लगभग 2035 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च हो रही है। 710 बैड के इस संस्थान के प्रथम चरण में आज शुभारंभ के साथ 250 बैड का अस्पताल शुरू हो गया है। दूसरे चरण में यानि इसी वर्ष दिसंबर तक बढक़र 500 बैड की क्षमता होगी तथा तीसरे व अंतिम चरण में 210 बैड की क्षमता की बढ़ोतरी के साथ 710 बैड का अस्पताल रोगियों को बेहतर सुविधाएं देगा।  तीसरा चरण अगले वर्ष दिसंबर तक पूरा होगा। 710 बैड के अस्पताल में तीन हजार के लगभग कैंसर विशेषज्ञ की जरूरत होगी जो कि अगले वर्ष तक पूरी होगी । रिहायशी ब्लॉक में 216 टू बीएचके, 34 थ्री बीएचके, व 16 फोर बीएचके साथ हॉस्टल ब्लॉक में 640 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। डाइनिंग ब्लॉक में 400 व्यक्तियों की क्षमता होगी। 7653 वर्ग गज में निर्मित गेस्ट हाउस में 90 कमरे हैं। गेस्ट हाउस में कैफेटेरिया, जिमनाजिम और सेमिनार रूम बनाए गए हैं।
अमेरिका, फ्रांस व ब्रिटेन के साथ रिसर्च का समझौता
एम्स निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व प्रदेश के कृषि मंत्री को बताया कि एनसीआई बाढ़सा दुनिया भर में कैंसर की रोकथाम में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। कैंसर ईलाज के क्षेत्र में दुनिया के टॉप थ्री देश अमेरिका, ब्रिटेन व  फ्रांस  के साथ राष्ट्रीय कैंसर संस्थान ने एमओयू साइन किए हैं। निदेशक ने बताया कि कैंसर के ईलाज के साथ-साथ रोकथाम के लिए बड़े स्तर अनुसंधान की जरूरत है। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान बाढ़सा के निर्माण से भारत कैंसर की रोकथाम के लिए अनुसधांन के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने में सक्षम होगा। 
पांच लाख मरीजों का होगा प्रति वर्ष ईलाज
निदेशक ने मंत्री गण को बताया कि राष्ट्रीय कैंसर संस्थान को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिवर्ष पांच लाख कैंसर मरीजों के ईलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। निदेशक ने मंत्रीगण को जानकारी देते हुए बताया कि  इसके लिए संस्थान में आधुनिक लैब व मशीनों से सुसज्जित 25 आप्रेशन थियेटर, दो एमआरआई स्कनेर, चार पैट स्केनर, तीन ब्रीचथेरेपी, पांच लाइनर ऐक्सिलेटर, देश के सरकारी अस्पताल में पहली बार प्रोटोन ईलाज सुविधा, 20 बैडिड न्यूक्लियर मैडिसन, 14 पीआई लैब, ओंकोलॉजी एमरजैंसी सुविधा, एशिया की प्रथम रोबोटिक लैब, 60 आईसीयू बैड, पूरी तरह से पेपरलैस आईसीयू व ओटी सिस्टम पांच लाख मरीजों को विश्व स्तरीय ईलाज देने में सक्षम होंगे।  
 एशिया की प्रथम रोबोटिक कोर लैब में होंगे प्रतिदिन 60 हजार टेस्ट 
 एम्स दिल्ली  के निदेशक डॉ० रनदीप गुलेरिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्ïडा व प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री औम प्रकाश धनखड़ को संस्थान के निरीक्षण के दौरान बताया कि राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में विश्वस्तरीय आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। एशिया के किसी भी देश में यह रोबोटिक लैब नहीं है। पूरी तरह ओटोमैटिक रोबोटिक कोर लैब में प्रतिदिन  सौ से भी ज्यादा तरह के  लगभग 60 हजार से ज्यादा टेस्ट एक दिन में करने की क्षमता है। निदेशक ने बताया कि रोगी का एक बार सैम्पल लेने उपरांत अगर बाद में उक्त रोगी की डॉक्टर को अन्य तरह की रिपोर्ट की जरूरत है तो दोबारा सैम्पल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रोबोटिक मशीन में 48 घंटे तक लगभग 15 हजार सैम्पल स्टोर करने की क्षमता है। 

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