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प्रदेश के 2,580 दोषियों का जेल में पुनः प्रवेश होगा

प्रदेश के 2,580 दोषियों का जेल में पुनः प्रवेश होगा

नारनौल। प्रदेश में कोविड-19 के चलते जिन दोषियों को हाई पावर कमेटी के आदेशों के तहत रिहा किया गया था उनका अब दोबारा जेल में प्रवेश करवाया जाएगा।

विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि न्यायमूर्ति श्री राजन गुप्ता, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यकारी अध्यक्ष,  हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में जिन 2,580  दोषियों को हाई पावर्ड कमेटी के आदेशों के कोविड-19 के चलते रिहा किया गया था उन्हें पुनः प्रवेश की अनुमति के लिए बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में श्री राजीव अरोड़ा, आईएएस, हरियाणा  सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग,  श्री के सेल्वराज, आईपीएस (सेवानिवृत्त), जेल महानिदेशक, हरियाणा और श्री प्रमोद गोयल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सदस्य सचिव, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मौजूद थे।

समिति जेलों के अंदर कोरोना संक्रमण के जोखिम से बचने के लिए दोषियों/विचाराधीन कैदियों की पैरोल/जमानत प्रदान अथवा बढ़ा रही है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए समिति ने 9 चरणों में हाई पावर्ड कमेटी की सिफारिशों के तहत पैरोल पर रिहा किए गए दोषियों का फिर से प्रवेश शुरू करने का फैसला किया है।

जेल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दोषियों का फिर से उच्चाधिकार समिति द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार पुनः प्रवेश सुनिश्चित करें और यह भी सुनिश्चित करें कि दोषियों का पुनः प्रवेश उनके कारावास की अवधि के आधार पर 23 फरवरी 2021 से हो। जेल अधिकारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एक-दूसरे के साथ तालमेल करें और 2,580 दोषियों के प्रवेश के समय सख्त परीक्षण और प्रोटोकॉल का पालन करें।

इस बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि जिन कैदियों को 1 फरवरी 2021 को पैरोल/फर्लो पर रिहा किया गया था, वे सक्षम प्राधिकारियों द्वारा उन्हें दी गई पैरोल/ फर्लो की अवधि समाप्त होने पर आत्मसमर्पण करेंगे।

 कोविड-19 संक्रमण के कारण, कैदियों को उनके परिवार के सदस्यों के साथ मिलने/बैठक को निलंबित कर दिया गया था, अब हाई पावर्ड कमेटी ने कैदियों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ एक सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक फिर से मुलाकात शुरू करने की अनुमति दी है। विचाराधीन कैदियों और दोषियों को भी हर शनिवार को अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी गई है। एक महीने में दो बार अपने परिवार के सदस्यों के साथ विचाराधीन कैदी मिलेंगे, जबकि दोषियों को महीने में एक बार मिलने की अनुमति होगी। जेल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मिलने के दौरान संक्रमण से बचने के लिए सभी एहतियाती सुरक्षा उपाय करें जैसे की मास्क पहनना, हाथों की सफाई, सामाजिक दूरी आदि।

इसके अलावा इस समिति ने जेल अधिकारियों को सुरक्षा के आधार पर या कोविड-19 मुद्दों के मद्देनजर एक जेल से दूसरे जेल में कैदियों के स्थानांतरण करने की अनुमति दी है।

दोषियों/विचाराधीन कैदियों को पैरोल/जमानत पर छोड़ने की वजह से जेलों में पर्याप्त जगह बन पायी, जिसके फलस्वरूप जेल प्राधिकरण कोविड-19 महामारी पर अच्छी तरह से नियंत्रण कर पाये।  हरियाणा की जेलों में हाई पॉवर्ड कमेटी के आदेशों के तहत सुझाए और लागू किए गए दिशा-निर्देशों के कारण कोविड संक्रमण के कोई बड़े मामले सामने नहीं आए।

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SK Vyas

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