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पंचायत चुनावों को लेकर गांवों में भी सजने लगी है चौपाल

पंचायत चुनावों को लेकर गांवों में भी सजने लगी है चौपाल

नांगल चौधरी,24जनवरी,2021:  हरियाणा में पंचायती चुनावों की तारीखों का अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सरकार द्वारा ग्राम पंचायत चुनावों को लेकर की जा रही तैयारियों को देखते हुए जिलेभर के गांवों में पंचायती चुनावों को लेकर चौपाले सजने लगी है। जहां देखो टोली में बैठे लोग चुनाव को लेकर चर्चा करते दिखने लगे हैं। ग्राम पंचायत चुनाव लडऩे के इच्छुक लोग जहां अभी से गांव में लोगों से मेलजोल बढ़ाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं, वहीं जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पद के संभावित उम्मीद्वारों ने भी अपनी-अपनी गाडियों पर माईक तान कर वार्ड अन्र्तगत गांवों में दौरे शुरू कर दिए है। कुल मिलाकर चुनावों की घोषणा से पहले ही जिलेभर में संभावित उम्मीद्वारों की सक्रियता से पंचायती चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो चली हैं। खास बात ये है कि इस बार युवा वर्ग चुनाव लडऩे का ज्यादा इच्छुक नजर आ रहा है। जगह-जगह भावी प्रत्याशी के रूप में लगे बैनर-होर्डिग्स पर युवाओं के फोटो लगे हुए हैं। वह अपने आपको भावी प्रत्याशी के रूप में जनता के सामने पेश कर रहे हैं।
तारीख को लेकर भी लगती है अटकलें:
सर्दी के मौसम में सुबह-शाम गांवों में अलाव जलाकर बैठने वाले लोग जहां अपने-अपने गांव में अभी से चुनावी गणित लगाते देखे जा रहे है, वहीं चुनाव की तारीखों को लेकर भी अटकलें लगाई जाती है। सरकार द्वारा चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी करने के बयान के बाद जहां कुछ लोग फरवरी में चुनाव होने का दावा करते है तो कुछ कोर्ट का हवाला देकर चुनाव देर तक होने की अटकले लगाते दिख रहे है।
24 फरवरी को होगा कार्यकाल पूरा:
हरियाणा में मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल आने वाली 24 फरवरी को पूरा हो जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं के अन्तर्गत आने वाली जिला परिषद, ब्लाक समिति और ग्राम पंचायतों के चुनाव को समय पर संपन्न कराने के लिए सरकार की तरफ  से तैयारियां तेज की हुई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जिला परिषद, ब्लाक समिति और सरपंच व पंचों के चुनाव चिन्हों की लिस्ट को भी अंतिम रूप देकर संबंधित विभाग को भेजा गया है। मिली जानकारी के अनुसार इस बार जिला परिषद के 42, ब्लाक समिति के 30, सरपंच के 30 और पंच के 18 चुनाव चिन्ह निर्धारित किए गए हैं।
किसान आंदोलन भी बना चर्चा का केन्द्र:
कृषि कानून के खिलाफ  चल रहा किसान आंदोलन का का जमावड़ा हरियाणा में ही है। ऐसे में पंचायत चुनाव लडऩे के इच्छुक प्रत्याशियों की नजर जहां किसान आंदोलन पर है, वहीं गांवों में चुनावी चटकारों के बीच ग्रामीण भी किसान आंदोलन को अपनी चर्चा केन्द्र बनाया हुआ है। कृषि आंदोलन की छाया के बीच होने वाले पंचायत चुनाव में सरकार के नफा-नुकसान का आंकलन भी कर रहे है। हालांकि अभी चुनाव को लेकर कोई सूचना नहीं आई है और ना ही सरकार ने जिला प्रमुख व पंचायत समिति चेयरमैन का चुनाव सिंबल पर लडऩे की घोषणा की है, लेकिन ग्रामीणा इसके बावजूद इन चुनावों में विभिन्न राजनीति दलों की लाभ-हानि की चर्चा करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।(  बी.एल. वर्मा ).

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