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नारनौल की आराधना अग्रवाल ने अमेरिका से महर्षि दयानन्द युनिवर्र्सिटी के मैनेजमैन्ट के छात्रों को बताए सफलता के गुर।

 

नारनौल की आराधना अग्रवाल ने अमेरिका से महर्षि दयानन्द युनिवर्र्सिटी के मैनेजमैन्ट के छात्रों को बताए सफलता के गुर।

नारनौल की आराधना अग्रवाल ने अमेरिका से महर्षि दयानन्द युनिवर्र्सिटी के मैनेजमैन्ट के छात्रों को बताए सफलता के गुर।
नारनौल, 6 सितम्बर। नारनौल में जन्मी आराधना अग्रवाल ने ग्लोबल हरियाणा चैम्बर ऑफ कॉमर्स  (संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, आस्ट्रेलिया एवं न्यूलीलैण्ड में सफल हरियाणवी व्यापारिक व्यक्तियोंका संगठन) एवं महर्षि दयानन्द युनिवर्सिटी के विभाग इन्स्टीच्यूट ऑफ मैनेजमैन्ट  स्टडीज एण्ड रिसर्च द्वारा सयुुंक्त रूप से आयोजित वैबन्यार को अमेरिका से विशेषज्ञ वक्ता के रूप में सम्बोधित किया।
महर्षि दयानन्द विश्यविधालय रोहतक के कुलपति प्रो0 राजबीर सिंह ने इस वैबन्यार में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।  अमेरिका स्थित विश्वविख्यात वार्टन स्कूल ऑफ मैनेजमैन्ट से प्रबन्धन में मास्टरर्स, सर्टिफाईड पब्लिक एकाउन्टेन्ट, चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट एवं यूएसए चैप्टर ऑफ आईसीएआई की पूर्व चेयरमैन आराधना अग्रवाल ने महर्षि दयानन्द विश्वधिालय के प्रबन्धन के छात्रों को कामयाबी के लिए सॉफ्ट स्किलस का महत्व बताया।

नारनौल की आराधना अग्रवाल ने अमेरिका से महर्षि दयानन्द युनिवर्र्सिटी के मैनेजमैन्ट के छात्रों को बताए सफलता के गुर।
आराधना अग्रवाल

आराधना ने कहा कि हर दिन कुछ नया सिखाता है। अग्रेंजी को लेकर उन्होने कहा कि अग्रेंजी मात्र एक कम्यूनिकेशन का माध्यम है, आप किसी भी भाषा में संवाद करे, वो प्रभावी रूप से करें। सफलता अपने आप आपके कदम चुमेंगी।  फर्रारटेदार अग्रेंजी नहीं बोलने के कारण किसी में भी हीन भावना नहीं आनी चाहिए। सफलता का दूसरा गुरू मन्त्र बताते हुए उन्होने बताया कि कभी भी अपने आत्मविश्वास को न डगमगाने दें। स्वयं का उदाहरण देते हुए उन्होने कहा कि एक बार उन्हे पन्द्रह हजार चार्टर्ड एकाउन्टेन्टस को एक बैवन्यार में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में सम्बोधित कर उनके प्रश्नों का जवाब देना था, तो एक पल को मेरे मन में ये ख्याल आया कि अरे मैं कहॉं फॅंस गई, लेकिन दूसरे ही पल मेरे को अपने माता-पिता एवं गुरूओं की सीख याद आई कि जिन्दगी में कभी हार मत मानना। बस उसी क्षण मेरे मन से डर एवं निराशा तुरन्त दूर हो गए। और इसका परिणाम यह है कि ना केवल भारत, अमेरिका एवं विश्व के कई अन्य देशों में भी भिन्न-भिन्न विषयों पर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में आमन्त्रित किया जाता है। तात्पर्य यह कि आत्मविश्वास और अपनी प्रतिभा का आंकलन ही आपकी सबसे बड़ी पूॅंजी है।
उन्होने बताया कि संस्थान में ही छात्रों को प्रतिभा निखारने के लिए वातावरण जरूरी है। संस्थान में छात्र सॉफ्ट स्किल सीखकर संस्थान में ही अपनी प्रतिभा का अभ्यास एवं प्रर्दशन करें ताकि पढ़ाई पूर्ण करने के पश्चात वास्तविक कार्य क्षेत्र में अपनी कौशलता एवं प्रतिभा का परिचय दे सकें । उन्होने  स्वयं के बारे में बताते हुए कहा कि  अवसर किसी का मोहजात नहीं है। वह स्वयं भी हरियाणा के छोटे से कस्बे नारनौल के एक मध्यमवर्गीय अध्यापक परिवार से ताल्लुक रखती है तथा नारनौल के ही राजकीय कन्या विधालय एवं राजकीय महिला महाविधालय से स्नातक की पढ़ाई करने के उपरान्त इस मुकाम पर पहुॅंची है।
वैबन्यार में मुख्यअतिथि महर्षि दयानन्द युनिवर्सिटी के कुलपति प्रो0 राजबीर सिंह, इन्स्टीच्यूट ऑफ मैनेजमैन्ट  स्टडीज एण्ड रिसर्च  के डायरेक्टर प्रो0 राजकुमार, ग्लोबल हरियाणा चैम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन बलिन्द्र सिंह,  यूएसए से राम ढ़िडवाल, जसवीर सिंह ग्रेवाल, डा0 सुमन ग्रेवाल, ब्रिटेन से डा0 किरन गुलिया ने भी अपने विचार रखे।  डा0 सीमा सिंह ने वैबन्यार का सफल संचालन किया।
अन्त में आराधना अग्रवाल ने महर्षि दयानन्द युनिवर्सिटी के कुलपति प्रो0 राजबीर सिंह की विश्वविधालय में सॉफ्ट स्किल में नया कोर्स शुरू करने की अनूठी पहल का स्वागत करते हुए उन्हे साधुवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा के एक छोटे से कस्बे नारनौल में जन्मी एवं पली-बढ़ी आराधना अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा के दम पर हरियाणा ही नहीं अपितु भारत का नाम विश्व में रोशन किया है। आराधना अग्रवाल यूएस चैप्टर ऑफ आईसीएआई की पहली महिला चेयरपर्सन एवं अमेरिका की विश्वविख्यात युनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया की फॉयनेन्स डायरेक्टर रह चुकी है।

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