Home » दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में CAA के विरोध में धरना होते हुए महीना बीतने को आ गया है लोगों को भारी परेशानी 
Delhi Exclusive Hindi Hindi News News

दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में CAA के विरोध में धरना होते हुए महीना बीतने को आ गया है लोगों को भारी परेशानी 

दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में CAA के विरोध में धरना होते हुए महीना बीतने को आ गया है लोगों को भारी परेशानी 
दिल्ली १३ जनवरी २०२० : दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में CAA के विरोध में धरना होते हुए महीना बीतने को आ गया है। नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, मेरठ आदि क्षेत्रों के सरिता विहार, फ़रीदाबाद, तुग़लक़ाबाद, पलवल, होडल आदि नगरों में जाने वाले लाखों लोगों आश्रम चौक हो कर जाना पड़ रहा है। उसी तरह सरिता विहार, फ़रीदाबाद, तुग़लक़ाबाद, पलवल, होडल आदि नगरों के नोएडा, ग़ाज़ियाबाद आदि इलाक़ों में आने वाले लोगों को भी आश्रम चौक हो कर आना पड़ रहा है। नतीजा यह है कि DND, रिंग रोड, मथुरा रोड पर बेतहाशा दबाव है।
नॉएडा से लाजपतनगर जाना पन्द्रह-बीस मिनट की जगह डेढ़-दो घंटे का काम हो गया है। जिस किसी को फ़्लाइट पकड़नी होती है, उसे 2 घंटे की जगह 5 घंटे पहले निकलना पड़ता है। फिर भी दिल में धुक-धुक होती रहती है कि फ़्लाइट छूट न जाये। शाहीन बाग़ से लगते हुए सरिता विहार, मदनपुर खादर, खिज़राबाद, तैमूर नगर, सराय जुलैना, जसोला, गौतमपुरी, मोलड़बंद, मोहन एस्टेट, तुग़लक़ाबाद, आली विस्तार, तेह खंड गाँव, हरिनगर, ओम विहार आदि कॉलोनियों, गाँवों के बच्चे बहुत ख़ुश हैं। कारण यह है कि उन्हें स्कूल गए हुए महीना होने को आ रहा है।
स्थिति से स्थानीय लोग इतने तंग आ गए हैं कि प्रशासन पर दबाव डालने के लिये पर नारेबाजी की, विरोध यात्रा निकाली। स्थानीय अधिकारी लोगों को समझाने-बुझाने आये। कुछ लोग समझ-बुझ गए। कुछ बुझने की जगह भभक उठे और मथुरा रोड जाम करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया। सरिता विहार RWA के अध्यक्ष श्री राजेंद्र अवाना का बयान आया है कि एक-दो दिन में जाम नहीं खुलवाया गया तो हम मथुरा रोड सहित अन्य रस्ते बंद कर शांतिपूर्वक विरोध करेंगे।
यहाँ एक सवाल मेरे मन में उठा रहा है। क्या शाहीन बाग़ में धरना, प्रदर्शन, रोड जाम DND से घंटों की मीलों फ़ालतू यात्रा करके मथुरा रोड से जाने वाले यात्रियों ने किया है ? नहीं ….. तो मथुरा रोड जाम करने का क्या मतलब है ? यह तो ” कुम्हार का कुम्हारन पे बस नहीं चला तो गधैया पीट डाली” वाले मिसाल हुई। पुलिस भी शाहीन बाग़ के धरने से तंग आये हुए लोगों पर ज़ोर दिखा रही है। सरकार सम्भवतः धरने पर बैठे हुए मवालियों के थक कर हटने की प्रतीक्षा कर रही है।
यहाँ स्वयं को एक सुझाव देने से रोक नहीं पा रहा हूँ। अभी बढ़िया ठण्ड पड़ रही है। इन मवालियों पर रात के 2 बजे वाटर कैनन का इस्तेमाल क्यों नहीं करते ? राज्य प्रताप से चलता है। छोटे-छोटे ग्रुप आपके प्रताप को नष्ट कर रहे हैं और आप होने दे रहे हैं ? 370, 35A, तीन तलाक़ जैसे बड़े विषयों पर प्रताप दिखाने वाले तेजस्वी लोगों को क्या हो गया है ? उत्तर प्रदेश से कुछ सबक़ सीखिये। मवालियों के कानपुर, लखनऊ, मेरठ सब जगह कस-बल ढीले कर दिए गए तो आपको समाधान की दिशा क्यों नहीं सूझ रही ? आप शाहीन बाग़ के धरने से पीड़ित, दुखी लोगों के स्टाम्प पेपर पर नोटरी से साइन करा कर दरख़ास्त लगाने का इंतज़ार कर रहे हैं ?
यदि ऐसा है तो फिर समझ लीजिये कि विधानसभा के चुनावों में इन इलाक़ों से भी आपकी खाट खड़ी होने वाली है और अगर बढ़िया दंडात्मक कार्यवाही की तो तय मानिये कि दिल्ली आपकी ताजपोशी कर देगी। लोगों ने मर्दों को चुना था अतः मर्दानगी दिखाइए।
तुफ़ैल चतुर्वेदी
tufailchaturvedi@gmail.com

About the author

SK Vyas

SK Vyas

2 Comments

Click here to post a comment

  • With havin so much content do you ever run into any problems
    of plagorism or copyright violation? My site has a lot of unique
    content I’ve either authored myself or outsourced but it seems a lot of it is popping it up all over the internet without
    my permission. Do you know any methods to help stop content
    from being stolen? I’d truly appreciate it.

All Time Favorite

Categories