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डीसीएम ग्रुप द्वारा अटल टिंकरिंग लैब के विद्यार्थी व अध्यापक कर रहे वैंटीलेटर बनाने पर रिसर्च-

प्रोजैक्ट कवच के तहत डीसीएम ग्रुप तैयार कर रहा फेसशील्ड, मास्क, फुट आप्रेटिंग सैनिटाइजर मशीन
-अटल टिंकरिंग लैब के विद्यार्थी व अध्यापक कर रहे वैंटीलेटर बनाने पर रिसर्च-

डीसीएम ग्रुप द्वारा अटल टिंकरिंग लैब के विद्यार्थी व अध्यापक कर रहे वैंटीलेटर बनाने पर रिसर्च-

फिरोजपुर, 21 अप्रैल, 2020: विश्व भर में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही इस लड़ाई में सीमावर्ती जिले में डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा अहम योगदान अदा करते हुए प्रोजैक्ट कवच लांच किया गया है। इसके लिए स्कूल प्रशासन द्वारा चार टीमों का गठन किया गया ।

डीसीएम ग्रुप द्वारा अटल टिंकरिंग लैब -एटीएल- में फेसशील्ड बनाई जा रही है तो वहीं दूसरी टीम द्वारा फेस मास्क, तीसरी टीम फुट आप्रेटिंग सैनिटाइजर मशीन तथा चौथी टीम सैनिटाइजर तथा कोरोना से बचाव हेतू कुछ कैमिकल बनाने पर रिसर्च कर रही है।

ग्रुप के डॉयरैक्टर -एडमिन- ब्रिग्रेडियर नवदीप माथुर ने बताया कि इस प्रोजैक्ट में स्कूल का स्टॉफ तथा ऑफिशियल पूरी तनदेही से कार्य कर रहे है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे इस युद्ध में जो पुलिसकर्मी, डॉक्टर सहित अन्य कर्मी जो दिन-रात सेवा तथा कोरोना की रोकथाम में लगे हुए है, उनकी रक्षा हेतू स्कूल की लैब में बनी हुई फेसशील्ड प्रदान की जाएगी।

वीपी एकैडमिक्स मनीश बांगा ने कहा कि इसे स्कूल की लैब में ही तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल इनोवेशन मिशन के तहत एक वैंटीलेटर बनाने पर विद्यार्थियों व अध्यापकों द्वारा रिसर्च भी की जा रही है।इससे पहले भी एटीएल के विद्यार्थियों द्वारा स्ट्रीट लाइट में विद्युत बचत तथा सैंसर बेस्ट डस्टबिन तैयार किए जा चुके है, जिन्हें देश भर में टॉप 50 इनोवेशन में शामिल किया जा चुका है।

हयूमन रिर्सोस अधिकारी रूचिका धवन ने बताया कि स्कूल के स्टॉफ की जरूरत को पूरा करने के लिए बेहतरीन तकनीक से मॉस्क बनाएं जा रहे है, जोकि स्टाफ सहित अन्य को वितरित किए जाएंगे और टीम द्वारा मेहनत के साथ इस कार्य को किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एप्रैन, डॉक्टर कोट तैयार किए जा रहे है।

हैड -एस्टेट- सतनाम सिंह ने बताया कि हालात को देखते हुए आगामी समय में सैनिटाइजर की जरूरत ज्यादा पड़ेगी और इसके लिए उनके द्वारा फुट आप्रेटिंग मशीने तैयार की गई है, जिससे लोग बिना हाथ लगाएं ही सैनिटाईजर का इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पडऩे पर एस्टेट विभाग द्वारा अन्य भी कदम उठाएं जाएंगे और इस वक्त डिसइफैक्टिंग टनल पर भी कार्य किया जा रहा है।

डिप्टी हैड एडमिन गोरिश अरोड़ा ने कहा कि साइंस लैब में सैनिटाइजर बनाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि कैमिकल बनाने पर भी रिसर्च किया जा रहा है, जिससे सफाई में मदद मिलेगी। अरोड़ा ने कहा कि पिछलें एक माह के दौरान तीन हजार से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को राशन वितरित किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि डीसीएम ग्रुप एक शैक्षणिक संस्थान के अलावा कम्यूनिटी संस्था भी है, जोकि समाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमेशा तत्पर रही है।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिले में जब भी कोई संकट आया चाहे वह 1965, 71 का युद्ध, 1988 की बाढ़ या अन्य आपातकालीन समय। डीसीएम ग्रुप यहां के लोगों की सहायता में हमेशा तत्पर रहा है।

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