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जिला में 18 व 19 अगस्त को अन्नपूर्णा उत्सव 5 व 10 किलोग्राम के थैले में होगा गेहूं का वितरण प्रत्येेक डिपो पर लगाया नोडल अधिकारी जिला के 290 राशन डिपो पर होगा अन्न उत्सव

नारनौल 16 अगस्त। महेंद्रगढ़ जिला में 18 व 19 अगस्त को अन्नपूर्णा उत्सव पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा। जिला के सभी 290 राशन डिपो पर दोनों दिन उत्सव रहेगा और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्रता अनुसार 5 व 10 किलोग्राम के थैले में गेहूं का वितरण किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन ने अन्नपूर्णा उत्सव के मद्देनजर तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। उत्सव के लिए हर डिपो पर नोडल अधिकारी को नियुक्त कर दिया गया है।

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2 लाख 4 हजार 798 थैलों में गेहूं का होगा वितरण
नारनौल। अन्नपूर्णा उत्सव के मद्देनजर जानकारी देते हुए डीसी ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 18 व 19 अगस्त को दोनों दिन जिला में सभी राशन डिपो पर कुल 2 लाख 4 हजार 798 थैलों में गेहू का वितरण किया जाएगा। इनमें से 5 किलोग्राम के 40 हजार 398 थैलों में तथा 10 किलोग्राम के 1 लाख 64 हजार 400 थैलों में राशन पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उत्सव भरे माहौल में दोनों दिन राशन डिपो पर मिट्टी के दीपक जलाकर अंत्योदय की भावना से सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का अभिनंदन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अन्नपूर्णा उत्सव के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन होगा। इसका सीधे प्रसारण दिखाने लिए डिपो धारक अपने स्तर पर टीवी या एलईडी लगाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार का संकल्प है कि हर परिवार सशक्त हो, संपन्न हो और संकट के समय में भी निश्चिंत हो, ऐसे में सरकार की ओर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को राशन उपलब्ध कराने में अपना दायित्व निभा रही है। उन्होंने कहा कि 18 व 19 अगस्त को महेंद्रगढ़ जिला के सभी राशन डिपो पूरे दिन खुले रहेंगे तथा लाभार्थियों को सुचारू रूप से राशन वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

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नवंबर 2021 तक मिलेगा योजना का लाभ
नारनौल। आपदा के दौर में कोई भूखा न रहे इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से लागू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान है। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक श्री अनिल कुमार ने बताया कि यह योजना नवंबर 2021 तक चलाई गई है। आगामी 18 व 19 अगस्त को अन्नपूर्णा उत्सव के दौरान एएवाई(गुलाबी),बीपीएल(पीले),ओपीएच(खाकी) कार्ड धारकों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम गेहूं अतिरिक्त इस कोरोना महामारी के दौरान मुफ्त दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला में इस समय कुल 84851 राशन कार्ड तथा उनमें 373302 सदस्य दर्ज हैं। उन्होंने जिला के सभी एएवाई (गुलाबी) , बीपीएल (पीले) , ओपीएच(खाकी)कार्डधारकों को 18 व 19 अगस्त 2021 को अपने नजदीकी राशन डिपोधारक से हरियाणा सरकार द्वारा तैयार करवाए गए थैलों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत दिए जाने वाला अतिरिक्त गेहूं पूरी तरह से मुफ्त लेने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि यदि किसी कार्डधारक को डिपोधारक से यह राशन लेने में परेशानी है तो वह 01282-254235 दूरभाष पर संपर्क कर सकता है अथवा जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक नारनौल के कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।

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कंट्रोल रूम 01282-254235 पर ले सकते हैं जानकारी
नारनौल। उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिला में अन्नपूर्णा उत्सव के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। आमजन की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए जनसेवा की भावना से कदम उठाए जा रहे हैं। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक कार्यालय के दूरभाष नंबर 01282-254235 पर संपर्क करके अन्नपूर्णा उत्सव योजना बारे जानकारी ली जा सकती है।

पटीकरा में स्वतंत्रता दिवस को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया

नारनौल, 16 अगस्त। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पटीकरा में गतदिवस 75 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया। समारोह में प्राचार्य अल्पना मित्तल ने मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत कर ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में मंच संचालन सुषमा यादव ने किया।
प्राचार्य अल्पना मित्तल ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष 15 अगस्त को देशभर में हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह प्रत्येक भारतीय को एक नई शूरुआत की याद दिलाता था।

इस मौके पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत व कविताएं सुनाई। प्रवक्ता गणित समारोह में मंगतराम, संदीप यादव प्रवक्ता रसायन शास्त्र व  ललिता यादव कंप्यूटर शिक्षिका ने भी अपने विचार रखे। समारोह के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पूर्णतया ध्यान रखा गया।
इस मौके पर समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।

फोटो:-ध्वजारोहण करती प्राचार्य अल्पना मित्तल।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 15 दिवसीय ब्रूसेलोसिस टीकाकरण अभियान की शुरुआत
4 से 8 माह की उम्र की मादा बछडिय़ों व कटडिय़ों का ब्रूसेलोसिस बीमारी के बचाव के लिए अवश्य करवाएं टीकाकरण

नारनौल, 16 अगस्त। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत पशुओं को ब्रुसेलोसिस से बचाने के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम ( एनएडीसीपी ) के तहत 15 दिवसीय ब्रूसेलोसिस टीकाकरण अभियान चलेगा। इस अभियान के तहत जिला महेंद्रगढ़ में लगभग सभी 24500 मादा बछडिय़ों व कटडिय़ों का टीकाकरण किया जाएगा। इस दौरान सभी की ईयर – टैगिंग करके भारत सरकार के ऑनलाईन पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। जिला में इस टीकाकरण अभियान के लिए 67 टीमों का गठन किया गया है। 17 अगस्त से जिला के प्रत्येक पशु अस्पताल में बू्रसेलोसिस बीमारी के बचाव के लिए टीकाकरण अभियान की शरुआत की जाएगी। इसके बाद 15 दिनों के अंदर जिला के प्रत्येक गांव में कैंप लगाकर टीकारण किया जाएगा। राज्य में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व पशुपालन मंत्री जयप्रकाश दलाल के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए पशुपाल विभाग से डीडीए नसीब सिंह ने बताया कि पशुओं में होने वाली ब्रुसेलोसिस बीमारी की रोकथाम के लिए 15 दिनों तक आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम ( एनएडीसीपी ) के तहत 15 दिवसीय ब्रूसेलोसिस टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। राज्य की 4 से 8 माह की उम्र की सभी मादा बछडिय़ों व कटडिय़ों का ब्रूसेलोसिस बीमारी के बचाव के लिए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से राज्य में 5 लाख ब्रूसेला वैक्सीन डोजिज उपलब्ध करवाई गई हैं जो कि सभी जिलों को आवंटित कर दी गई हैं। यह टीकाकरण अभियान पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा के पशुचिकित्सों की निगरानी में गठित टीमों द्वारा एक वर्ष के अन्दर तीन चरणों में चलाया जाएगा।

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टीकाकरण अभियान
नारनौल। डीडीए नसीब सिंह ने बताया कि पशुओं को ब्रुसेलोसिस से बचाने के लिए 17 अगस्त से टीकाकरण अभियान चलाकर टीके लगाए जाएंगे। इस अभियान के तहत विभाग द्वारा टीकाकरण, वैक्सीन रख-रखाव व आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए  हिदायतें जारी की जा चुकी हैं । टीकाकरण के लिए गठित टीमों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध करवाए गए हैं । इस वैक्सीन का भंडारण 2-8 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर किया जाता है। यह वैक्सीन 4 से 8 माह की उम्र की सभी मादा बछडिय़ों व कटडिय़ों की गर्दन पर 2 मिली की मात्रा मेें लगाई जाती है। पशु मालिक के फोन नंबर व आधार नंबर के साथ पंजीकरण करके व पशु के कान में टैग लगाकर भारत सरकार के ऑनलाईन पोर्टल पर रिकार्ड दर्ज किया जाएगा। कुछ पशुओं के टीकाकरण से पहले व बाद में खून के नमूने लेकर परीक्षण किया जाएगा। इस अभियान की निगरानी के लिए विभाग के 7 उच्च अधिकारियों को विभिन्न जिले आवंटित करके इस टीकाकरण अभियान को सफल बनाने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। सभी पशुपालकों से अनुरोध है कि वे इस अभियान को सफल बनाने व पशुओं को ब्रूसेलोसिस जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए विभाग का सहयोग करें और अपनी 4 से 8 माह की उम्र की सभी मादा बछडिय़ों व कटडिय़ों का ब्रूसेलोसिस बीमारी के बचाव के लिए टीकाकरण अवश्य करवाएं।

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क्या है ब्रुसेलोसिस
नारनौल। ब्रुसेलोसिस एक जीवाणु जनित, खतरनाक, लाईलाज पशु जन्य ( जूनोटिक ) रोग है, जो पशुओं से इंसानों में भी फैल सकती है, जिससे मनुष्य लंबे समय तक संक्रमित रहता है। ब्रुसेला बीमारी के कारण पशुओं में गर्भकाल के अंतिम 3-4 महीनों में गर्भपात हो जाता है । एक अनुमान के मुताबिक यदि पशु का गर्भपात हो जाता है तो पशुपालक को तकरीबन एक लाख या अधिक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। अगर ये बीमारी किसी फार्म पर एक भी पशु को हो जाए, तो उस फार्म के अन्य पशुओं में भी बहुत तेजी से फैल जाती है।

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कारण एवं बचाव
नारनौल। पशु के संक्रमित होने पर इसका ईलाज मनुष्य में होने वाली टीबी के इलाज की तरह लंबे समय तक चलता है, जो कि आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं है। इसलिए इसे लाईलाज बीमारी माना जाता है। इसलिए पशुओं का टीकाकरण ही एकमात्र विकल्प है जिसके लिए 4 से 8 माह की उम्र की सभी मादा बछडिय़ों व कटडिय़ों का ब्रुसेला अबोर्टस एस-19 नामक वैक्सीन द्वारा टीकाकरण किया जाता है। यह वैक्सीन एक बार लगने के बाद पशु को आजीवन ब्रुसोल्लोसिस से रक्षा करती है। इसके अतिरिक्त पशुओं के खून सैंपल लेकर राज्य रोग नियंत्रण प्रयोगशाला सोनीपत को भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया किपशु अस्पताल स्तर पर भी आरबीपीटी नामक टैस्ट द्वारा परीक्षण कर इस बीमारी का पता लगाया जाता है।

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पशुओं में ब्रुसेलोसिस बीमारी के लक्षण
नारनौल। संक्रमित गायों और भैंसों में गर्भावस्था की अंतिम तिमाही में गर्भपात हो जाता है। गर्भपात हुआ भ्रूण पानी से भरा होता है व जेर का आकार बढ़ जाता है। संक्रमित पशु बार-बार थनैला रोग से ग्रसित हो जाता है। संक्रमित पशु की गर्भधारण करने की क्षमता कम हो जाती है ।

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इंसानों में ब्रुसेलोसिस बीमारी के लक्षण

नारनौल। व्यक्ति के शरीर पर किसी भी घाव या आंख के माध्यम से या दूध के माध्मय से यह जीवाणु शरीर में प्रवेश कर जाने पर सामान्यत विभिन्न लक्षण दिखाई देते हैं जैसे बुखार का उतार चढ़ाव, कमजोरी व बैचेनी होना, जोड़ों में दर्द व अंडकोश में सूजन एवं प्रजनन क्षमता में कमी।

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S.K. Vyas

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