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जिला निर्वाचन अधिकारी ने ली बैंक अधिकारियों की बैठक

जिला निर्वाचन अधिकारी ने ली बैंक अधिकारियों की बैठक -प्रत्याशी के लिए 28 लाख रुपए चुनाव खर्च की सीमा तय
-संदिग्ध लेन-देन की सभी बैंक देंगे डेली रिपोर्ट
त्रिभुवन वर्मा द्वारा :
नारनौल,25 सितंबर 2019।:आदर्श चुनाव आचार संहिता के दौरान सभी बैंक नकद लेन-देन पर नजर रखें। अगर किसी बैंक में सामान्य दिनों से अधिक नकदी निकाली जाती है या अन्य दिनों की अपेक्षा किसी प्रतिष्ठान द्वारा अचानक कम नकदी जमा कराई जाने लगे तो इसकी सूचना तुरंत जिला चुनाव कार्यालय को दें। ये निर्देश उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जगदीश शर्मा ने बुधवार को लघु सचिवालय में जिले के बैंकों के अधिकारियों की बैठक में दिए।
डीसी ने बताया कि हरियाणा विधानसभा चुनावोंं में प्रत्येक प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की सीमा 28 लाख निर्धारित की गई है। इसके लिए भी सभी प्रत्याशियों को अलग से बैंक खाता खुलवाना होगा। इस खाता का इस्तेमाल केवल चुनाव के लिए किया जाएगा। 27 सितंबर से नामांकन शुरू हो जाएंगे। प्रत्याशी को नामांकन के दौरान नया बैंक खाता की जानकारी देनी होगी। खाता नामांकन दाखिल करने से कम से कम एक दिन पहले खुलना चाहिए। यह खाता खुद व उसके एजेंट के साथ साझा भी हो सकता है। यह खाता किसी भी परिवार के सदस्य के साथ साझा नहीं हो सकता। चुनाव से संबंधित सभी प्रकार के खर्च इसी खाते के माध्यम से किया जाएगा।
डीसी ने निर्देश दिए कि सभी बैंक यह सुनिश्चित करें कि प्रत्याशियों के खाते खुलनवाने के लिए पूरा सहयोग करें। इसके लिए अलग से विधानसभ चुनाव के प्रत्याशियों के लिए काउंटर भी लगाएं तथा बैंक किसी एक कर्मचारी की ड्यूटी तय कर दें। प्रत्याशी किसी भी बैंक में अपना खाता खुलवा सकता है।
श्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक लाख या इससे अधिक राशि निकलवाने वाले की सूचना हर हाल में जिला प्रशासन को देनी होगी। यह रिपोर्ट हर रोज चुनाव कार्यालय को भेजनी होगी। वैसे आचार संहिता के दौरान 50 हजार से अधिक नकदी ले जाने पर पाबंदी रहेगी। अगर 50 हजार से अधिक राशि कोई लेकर चलता है तो उसे दस्तावेज दिखाने होंगे। अगर किसी व्यक्ति या फर्म द्वारा बड़ी राशि की संदिग्ध लेन-देन की सूचना मिलती है तो आयकर विभाग को सूचना दी जाएगी। इस पर नजर रखने के लिए जिले में हर विधानसभा क्षेत्र में फ्लाइंग स्कवैड भी तैनात की गई है। चुनाव खर्च पर नजर रखने के लिए एक्सपेंडिचर ऑब्र्जवर चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव करवाने में अब बैंकों की भी अहम भूमिका हो गई है। आज से एक-दो दशक पहले चुनावों में मशल पावर का इस्तेमाल होने की सूचना मिलती थी। आज के समय में इन घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लग चुका है लेकिन मनी पावर के इस्तेमाल होने का अंदेशा रहता है। इस पर रोक के लिए बैंक बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि सभी बैंक यह सुनिश्चित करें कि सभी एटीएम व ब्रांच में सभी सीसीटीवी कैमरे चालू हालात में रहें। जिला प्रशासन द्वारा कभी भी उसकी रिकार्डिंग मंगवाई जा सकती है। चुनाव आचार संहित के दौरान सीसीटीवी के बैकअप की व्यवस्था रखें। साथ ही उन्होंने बैंकों हर तरह की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए।

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