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के्रसर जोन में पर्यावरण सुरक्षित रखने को ग्रामीण हुए लामबंध

के्रसर जोन में पर्यावरण सुरक्षित रखने को ग्रामीण हुए लामबंध
-धौलेडा में सभा का आयोजन कर खाई एकजुटता की कसमें
-एनजीटी कोर्ट में याचिकाकर्ता तेजपाल यादव रहे मुख्य वक्ता
बी.एल. वर्मा द्वारा :
नारनौल 26 मई 2019 :स्टोन क्रेशरों के विरोध में रविवार को नांगल चौधरी के गांव धोलेडा बाबा सेवादास यूथ क्लब के तत्वाधान में एक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्रेसरों के खिलाफ एनजीटी कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले पर्यावरणविद् तेजपाल यादव ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। पर्यावरण संरक्षण हेतु आयोजित सभा बोलते हुए इंजीनियर तेजपाल यादव ने लोगों से स्टोन क्रेशरों के विरोध में सामाजिक लड़ाई को एक जनक्रांति का रूप देने के लिए पुरजोर ताकत से साथ आने की अपील की।

कार्यक्रम में ग्रामीणों ने पगड़ी भेंट करके तेजपाल यादव को सम्मानित किया। इस मौके पर तेजपाल यादव ने कहा कि पिछले 12 महीनों से लगातार स्टोन क्रेशरों के विरोध में हमारा कानूनी एवं सामाजिक जन संघर्ष जारी है। उन्होंने कहा कि गत 12 दिसंबर 2018 के माननीय एनजीटी के ऐतिहासिक फैसले में पूरे जिले महेंद्रगढ़ के स्टोन क्रेशरों के जांच के आदेश दिए गए थे एवं खातोली जाट व कारोता गांव के 3 स्टोन क्रेशरों की एनओसी रद्द की थी, इसके बाद अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2019 को हरियाणा सरकार ने लोकसभा चुनाव का हवाला देकर माननीय एनजीटी से समय मांग लिया एवं हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने एनजीटी के आदेश मुताबिक तीन अधिकारियों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपी जिसमें नांगल चौधरी व नारनौल के तहसीलदारों को चार्जशीट व डीटीपी के एक जेई को सस्पेंड किया गया।

उन्होंने कहा कि माननीय एनजीटी द्वारा निर्धारित पेशी 24 जुलाई 2019 से पहले हरियाणा सरकार ने लोकसभा चुनाव का हवाला देकर जो टालमटोल का रवैया अपनाया था अब उसे छोडक़र जल्द से जल्द पूरे जिले के सभी स्टोन क्रेशरों की दूरी मापदंड व डार्क जोन सहित सभी पहलुओं की जांच पड़ताल, तर्कसंगत, तथ्यपरक एवं क्षेत्र के लोगों के प्रदूषण से प्रभावित आबादी की  जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द जांच रिपोर्ट सौंपी जाए। लोगों को संबोधित करते हुए तेजपाल यादव ने कहा कि आज की सभा में आपकी इतनी भारी संख्या में मौजूदगी ये बयां कर रही हैं कि आने वाले समय में पर्यावरण प्रदूषण एवं स्टोन क्रेशरों  के विरोध में यह जनशक्ति पूरे क्षेत्र में प्रदूषण को यहां से खत्म करने में निर्णायक साबित होगी। श्री यादव ने बताया कि अगर प्रशासन ने समय रहते हुए सही रिपोर्ट माननीय एनजीटी को नहीं सौंपी तो सुनवाई से पहले क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोग नारनौल की सडक़ों पर उतरकर जिला प्रशासन व हरियाणा सरकार को नींद से जगाने का कार्य करेंगे। सभा में आए लोगों ने इस संघर्ष में हर समय हर, पल तैयार रहने एवं आर-पार की लड़ाई लडऩे के लिए डटे रहने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि करण सिंह यादव, पूर्व सरपंच रामअवतार यादव, रामशरण, खातौली अहीर के सरपंच प्रतिनिधि राजेश नंबरदार, सुबे सिंह, सत्यप्रकाश, वेद पंडित रामविलास, विजेंद्र, खातौली जाट के पूर्व सरपंच नरेंद्र कुमार, पूर्व सरपंच दुर्गा प्रसाद, हवलदार अमीलाल, सूबेदार लालाराम, ओमप्रकाश, दुर्गा प्रसाद, रणजीत सूबेदार, अतर सिंह पंच, सुंदर पंच, महेंद्र समेत बाबा सेवादास यूथ क्लब की टीम भी मौजूद रही।

सभा में उमड़ी भीड़ ने दिखाए तेवर: आज की इस सामाजिक सभा में उमड़े लोगों के हुजूम ने यह साबित कर दिया कि अब इस क्षेत्र के लोग पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ अपने हक व अधिकारों के लिए लामबंद हो चुके हैं। असल में यह प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुलने जैसा है कि यहां करीब 35 गांवों के हजारों व्यक्तियों को शुद्ध हवा मुहैया करवाना तो दूर बल्कि इसके लिए उत्तरदायी स्टोन के्रशरों से उड़ती धूल को रोकने के लिए भी प्रशासन कोई कदम नहीं उठा सका हैं। नियमों को ताक पर रख कर स्टोन के्रशरों की एनओसी की बंदरबांट के चलते यहां के हजारों लोग सांस, टीबी, दमा, अस्थमा व सिल्कोसीस जैसी जानलेवा एवं भयंकर बीमारियों से ग्रस्त होते रहे, लेकिन किसी नेता अथवा अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब जबकि लोग इस मुद्दे पर लामबंध होने लगे है तो यह उम्मीद पैदा हुई है कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए लडाई लड़ रहे पर्यावरणविदों के प्रयास रंग लाने वाले हैं।

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SK Vyas

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