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कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा

रेवाड़ी  27 जनवरी 2020  : हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि एक ओर पूरे प्रदेश ने 71वां गणतंत्र दिवस मनाते समय नारी सशक्तिकरण, नारी सम्मान में जमकर गीत गाये, बड़ी-बड़ी बाते की, वहीं हरियाणा की यह हालत है कि बच्चियां कही भी सुरक्षित नही है।
विद्रोही ने कहा कि प्रदेश  में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का जुमला उछाला जाता है, लेकिन स्कूल जाते समय रास्ते में व स्कूल में छात्राओं से छेडछाड़, यौन शौषण आये दिन हरियाणा में होता रहता है। सरकार, पुलिस व प्रशासन दावे तो बड़े-बड़े करते है, लेकिन छात्राओं को अराजक तत्वों से बचाने में सक्षम नही दिखती।
इसका उदाहरण देते हुए विद्रोही ने कहा कि लगभग तीन वर्ष पूर्व रेवाडी जिले की सूमाखेडा-कतोपुरी की छात्राओं के पडौसी गांव लाला में स्कूल में जाते समय होने वाली छेड़छाड़ का मुद्दा पूरे प्रदेश के सामने आया था। लडकियों ने स्कूल का बहिष्कार किया, धरना-प्रदर्शन व अनशन करके अपने ही गांव में बाहरवी तक का स्कूल अपग्रेड करवाया।
तब हरियाणा भाजपा सरकार ने छात्राओं की सुरक्षा के लम्बे-चौडे दावे किये थे। उसी समय प्रदेश के दो-तीन अन्य स्थानों पर भी छात्राओं से ऐसे ही छेड़छाड़ के मामले सामने आये थे। सरकार ने स्कूल व कालेजों में पढऩे वाली छात्राओं की सुरक्षा के दावे तो बहुत किये, पर धरातल पर कुछ नही किया।
अभी पिछले सप्ताह रेवाड़ी जिले में ही पडौसी गांव मस्तापुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढऩे वाली राजावास गांव की छात्राओं को भी अराजक लडकों की छेड़छाड़ के कारण अपने गांव व आसपास के गांव की पंचायत करके सार्वजनिक विरोध जताया।
मामला आपसी सदभाव से निपटा, पर पुलिस व प्रशासन का रवैया शर्मनाक ही रहा। विद्रोहंी ने कहा कि जब पत्रकारों ने राजावास गांव की लडकियों से स्कूल में जाते समय अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने पर सवाल किया तो रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि लडकिया व राजावास गांव के लोग इसे लेकर शिकायत करेंगे तो पुलिस कठोर कदम उठायेगी।
सवाल उठता है कि पुलिस बिना औपचारिक शिकायत मिले अराजक तत्वों पर अंकुश नही लगायेगी। क्या पुलिस इस बात का इंतजार करती रहेगी कि कोई छात्रा कहे कि मुझे छेड़ा जा रहा है, मुझे तंग किया जा रहा है, तभी पुलिस कार्रवाई करेगी। पुलिस की यह सोच बताती है कि वह छात्राओं व महिलाओं को सुरक्षा देने व अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के प्रति गंभीर नही है।
विद्रोही ने कहा कि जब पुलिस अपनी ओर से आगे बढ़कर मनचलों व अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर छात्राओं व महिलाओं की सुरक्षा देने का प्रयास नही करना चाहती है तो फिर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का जुमला उछालने का क्या औचित्य है? विद्रोही ने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस के ऐसे रवैये के चलते ही हरियाणा महिला अपराध में देश का नम्बर वन राज्य बनने की ओर अग्रसर है व भाजपा सरकार व मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा के नाम पर केवल जुमलेबाजी ही करते रहते है।

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