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एसवाईएल पर पंजाब को अपनी हठ पड़ेगी छोडऩी : मनोहर लाल

एसवाईएल पर पंजाब को अपनी हठ पड़ेगी छोडऩी : मनोहर लाल

हरियाणा ने ठाना है, एसवाईएल का पानी लाना के नारोंं के बीच नारनौल मेंं जल अधिकार रैली आयोजित
कृषि मंत्री की चिट्ïटी को सात लाख लोगों तक पहुंचाया, ध्यान से पढ़ें लोग : मुख्यमंत्री
-दक्षिणी हरियाणा का किसान समझदार, जरूरत है तराई क्षेत्र वालो को समझाने की: राव इंद्रजीत
नारनौल,20दिसम्बर,2020  (  बी.एल. वर्मा/ सुरेन्द्र व्यास )  :    हरियाणा ने ठाना है, एसवाईएल का पानी लाना है। इन्हीं नारों के बीच दक्षिणी हरियाणा के नारनौल के आईटीआई मैदान से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनोंं कृषि कानूनों के संबंध में प्रदेश के किसानोंं की भ्रतियां दूर की। सीएम ने बारी-बारी से तीनोंं कानूनोंं पर रैली मेंं आए किसानों के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर किसानों ने दोनोंं हाथ उठाकर इन तीनों कानूनोंं पर अपने समर्थन की मोहर लगाई।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार मेंं आते ही वर्ष 2022 तक किसानोंं की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए तीन नए कृषि कानून बनाए गए हैं ताकि किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाया जा सके। कुछ मुठ्ïठीभर लोग ही इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं जिन्हें राजनीतिक दल भ्रमित कर रहे हैं। हमने किसानों को समझाने के लिए रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आठ पेज के पत्र को 7 लाख लोगों तक पहुंचाया है। इस पत्र को किसान ध्यान से पढ़ें। विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही गलफहमियां दूर हो जाएंगी।
रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के समर्थन में विगत दिनों प्रदेश के सभी जिलोंं के 32 हजार किसानों ने सत्यागृह किया। इसी प्रकार किसानोंं ने इसके समर्थन में ट्रेक्टर रैली निकालकर प्रधानमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। किसान जानते हैं कि बदलाव के बिना उनकी आर्थिक स्थित अच्छी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा यथास्थिति बनाए रखने में विश्वास करती है। यही कारण है कि देश की आजादी के बाद से किसान को सही हक नहीं मिल पाया। अब किसानों की आय बढ़ाने के लिए भंडारण व बिक्री व्यवस्था को सुधारना चाहते हैं तो कुछ राजनीतिक दल किसानों का उपयोग करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एसवाईएल का मामलों दशकोंं से लटका पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही इस मामलें को समय से पहले सुनने की याचिका लगाई गई जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के हक मेंं फैसला दिया। दोनों प्रदेशोंं के मुख्यमंत्री को बैठकर फैसला करने को कहा था लेकिन पंजाब हमारा हक देने को राजी नहीं है तो अब सुप्रीम कोर्ट कभी भी अंतिम फैसला सुनाएगा और हमें अपना हक मिलेगा। एसवाईएल पर पंजाब को अपनी हठ छोडऩी होगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एसवाईएल का मामलों दशकोंं से लटका पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही इस मामले को समय से पहले सुनने की याचिका लगाई। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के हक मेंं फैसला दिया। दोनों प्रदेशोंं के मुख्यमंत्री को बैठकर फैसला करने को कहा था लेकिन पंजाब हमारा हक देने को राजी नहीं हुआ अब सुप्रीम कोर्ट कभी भी अंतिम फैसला सुनाएगा और हमें अपना हक मिलेगा। लोकातंत्रिक देश में राज्योंं की मनमानी नहीं चल सकती। एसवाईएल पर पंजाब को अपनी हठ छोडऩी होगी। मुख्यमंत्री रविवार को स्थानीय आईटीआई मैदान में जल अधिकार रैली को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि प्रजातंत्र में विरोध करने का एक तरीका होता है। सदन व मीडिया के समक्ष या लोकतांत्रिक ढंग से सभा करके विरोध कर सकते हैं। धींगामस्ती करना किसी भी सूरत मेंं सही नहीं है। अगर ऐसा होता है तो वह डा. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के अनुसार नहीं है।
उन्होंने कहा कि एमएसपी पर कोई आंच आए तो उससे पहले वे राजनीति छोड़ देंगे। सरकार नए कृषि कानूनों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी से ऊपर की बात सोच रही है। एमएसपी कभी खत्म नहींं होगा। एमएसपी था, एमएसपी है और एमएसपी रहेगा। इस प्रकार मंडिया भी रहेंगी। कुछ लोग राजनीतिक से प्रेरित होकर आंदोलन कर रहे हैं वे किसान हितैषी नहींं है। बार्डर पर बैठे पंजाब के किसान भाइयोंं से हमें एसवाईएल के पानी की बात रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि तीनों नए कृषि कानून किसानों के हित के लिए हैं। इससे किसानोंं को बंधन से मुक्ति मिलेगी। सरकार मंडी में किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदेगी, लेकिन अगर किसान बाहर उससे अच्छे दाम में बेचना चाहेगा तो उसे आजादी दी गई है। इसके अलावा इस नए कानूनों में भंडारण की व्यवस्था सुधारने की बात की गई है। सरकार ने इसी सुधार प्रक्रिया के तहत प्रदेश की 104 मंडियों में से 88 मंडियों को आनलाइन किया है। उन्होंने कहा कि सही भंडारण न होने से हर वर्ष देश में 30 हजार करोड़ का अनाज का नुकसान होता है। हरियाणा प्रदेश में भी 700 करोड़ रुपए का अनाज खराब हो जाता है। सरकार इस अनाज को बचाने के लिए ये प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के सच्चे हितैषी हैं। देश में भंडारण सुधार व बिक्री सुधार की सख्त आवश्यक है। इसी की पूर्ति के लिए सरकार ये कानून बनाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां किसानों को बहकाने का प्रयास कर रही हैं जिसमेंं वे कभी सफल नहींं होंगे। वो नहीं चाहते कि किसानोंं की आमदनी बढ़े और वे अपने बच्चों का अच्छी तरह से पालन पोषण करें। उन्होंने कहा कि 2010 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्ïडा की अध्यक्षता कांग्रेस सरकार ने एक कमेटी बनाई थी। उसमें उन्होंने एपीएमसी एक्ट मेंं सुधार की वकालत की थी, लेकिन आज यही विपक्षी पार्टियां लोगों को बरगलाकर बार्डर बंद करके बैठे हैं।
सीएम ने कहा कि प्रदेश के किसानोंं के हित मेंं हमने एक नई माइक्रो इरीगेशन योजना शुरू की है। इसके तहत जिन खेतोंं मेंं अब तक पानी नहींं पहुंचा है वहां पर पानी पहुंचाएंगे। वहां के किसानोंं को 80 फीसदी सब्सिडी पर सिंचाई यंत्र देंगे।

उन्होंने कहा कि अब एक जनवरी से सिंचाई की एक साथ 25 एकड़ की योजना बनाकर लाएगा तो उसे किसी न किसी तरीके से पानी से भरने का प्रबंध सरकार करेगी। इस योजना के तहत भिवानी-दादरी और महेंद्रगढ़ जिला को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही उपलब्ध पानी का समान बंटवारा करके टेल तक पानी पहुंचाया है। दक्षिणी हरियाणा की कृष्णावती, दोहान व साहबी नदियों में बारिश का फालतू पानी छोड़कर यहां भूमि जल स्तर को ऊंचा उठाने के लिए 2 हजार करोड़ रुपए की योजना बनाई है। इसी प्रकार सरकार ने रेणुका-किसाऊ बांध का एमओयू हो चुका है और जल्द ही रखवार बांध का एमओयू साइन होगा। इस कार्य को तय समय मेंं पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानोंं को धान की खेती छोडऩे का आह्वान किया था, जिसके फलस्वरूप पिछले साल किसानोंं ने 80 हजार एकड़ कम जमीन पर धान लगाया। इससे बहुत सारा पानी बचा है। इस पानी को जहां जरूरत है वहां दिया जाएगा।
एसवाईएल का पानी हमारे इलाके के लिए जीवन-मरण का सवाल : राव इंद्रजीत
नारनौल। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ङ्क्षसह ने कहा कि जब वे राजनीति मेंं आए हैं तब से हमारे सिर पर एसवाईएल का मुद्दा मंडारता रहा है। सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद भी कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को सुलझने नहीं दिया। कांग्रेस राज के 11 साल निकल गए लेकिन इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनते ही प्रेजिडेंशियल रिफ्रेंस पर फैसला हुआ। प्रधानमंत्री ने इस इलाके की सबसे बड़ी जरूरत को समझा है। श्री सिंह रविवार को आईटीआई मैदान मेंं जल अधिकार रैली को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने तीन मुख्यमंत्रियों के बीच हुए समझौते को नहीं माना। उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री की बात को नहींं माना। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ विधानसभा में ड्रामा कर दिया। एसवाईएल का पानी हमारे इलाके के लिए जीवन-मरण का सवाल है। इस सवाल को हम कभी भी नहीं भूल सकते। इस लड़ाई मेंं यहां का किसान सरकार के साथ मजबूती के साथ खड़ा है। हमें तराई वाले इलाके मेंं जाकर अपनी बात रखनी चाहिए।
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानोंं को अपनी फसल बेचने की आजादी दी है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वे राजनीतिक कर रहे हैं। उन्होंने जनता से आह्ïवान किया कि वे इसी प्रकार से तीनों कृषि कानूनोंं का समर्थन करते रहें और एसवाईएल के लिए अपनी आवाज उठाते रहें।रैली में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आज भी दक्षिणी हरियाणा के लोगों ने आड़े वक्त में एकजुट होकर सरकार को विटामिन का इंजेक्शन दिया है, इस क्षेत्र के लोगो के बिना सरकार भी नही बनती है। यहां के लोग पहले ही समझदार हैं, आज जरूरत है कुरुक्षेत्र व करनाल की तरफ के लोगो को समझाने की। अगर यहां के लोग समझदार नहि होते तो आज दिल्ली-जयपुर राजमार्ग खुला नही होता। उन्होंने कहा कि दक्षिणी हरियाणा का क्षेत्र प्रदेश में भाजपा की रीढ़ है।
उन्होंने कहा कि हमने किसानों से एसवाईएल पर प्रेजिडेंशियल रिफ्रेंस के संबध्ंा में पोस्ट कार्ड लिखने का आह्ïवान किया था तो यहां के 50 हजार किसानों ने राष्टï्रपति को भेजे थे। इसी प्रकार अब भी किसान इन कानून के समर्थन में प्रधानमंत्री के साथ खड़े रहें। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने थोड़े समय मेंं उन्होंने लोगों को यहां एकत्रित करने का काम किया है यह काबिले तारीफ है।
पंजाब 45 साल से एसवाईएल के पानी मेंं रुकावट डालता आया है : ओमप्रकाश धनखड़
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि एसवाईएल हमारी जरूरत व हक है। इस हक को मांगने का संकोच ठीक नहीं। आज हमारे पास मौका भी है दस्तुर भी। पंजाब के किसान भाई हमारे दरवाजे पर आए हैं तो उनसे अपना हक मांगना चाहिए। श्री धनखड़ आज यहां जल अधिकार रैली को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह सही वक्त है। पंजाब 45 साल से एसवाईएल के पानी मेंं रुकावट डालता आया है। अब वक्त आ गया है कि हम अपने हक के लिए अपने भाइयों के समक्ष ये बात रखें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का 19 लाख एकड़ फिट पानी बकाया है। आज नारनौल से ऊठी आवाज वहां तक पहुंचनी चाहिए। इसी बात को ध्यान मेंं रखते हुए हमने इस वक्त को चुना है। श्री धनखड़ ने कहा कि पंजाब व राजस्थान की सरकारें किसान हितैषी होने का ढोंग कर रहे हैं। हरियाणा मेंं इन दोनोंं राज्यों से लगभग दोगुना भाव में बाजरा खरीदा गया है। उन्होंने विपक्षी पार्टियोंं पर हमला करते कहा कि जिनके राज मेंं किसानोंं को अढ़ाई-अढ़ाई हजार रुपए के मुआवजा दिया जाता था आज वे टिकरी बार्डर पर बैठकर भोले-भाले किसानोंं को बहका रहे हैं। कई वर्षों तक ये लोग स्वामीनाथन की रिपोर्ट को दबाए बैठे रहे।
श्री धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र मेंं सत्य चलता है। हम सत्य का समर्थन करने वाले हैं इसलिए हरियाणा का किसान इन तीनों बिलों का समर्थन करता है। अब यह आंदोलन किसान का नहींं बल्कि राजनीतिक हो गया है और लाल झंडे वालोंं का हो गया है।

एसवाईएल पर पंजाब को अपनी हठ पड़ेगी छोडऩी : मनोहर लाल यहां के किसान इस बात को अच्छी तरह से समझते हैं।
यहां का किसान पूरी तरह से सरकार के साथ : ओमप्रकाश यादव
नारनौल। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव रविवार को आयोजित जल अधिकार रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिणी हरियाणा का किसान जानता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ही उनके सच्चे हितैषी हैं। यहां का किसान पूरी तरह से सरकार के साथ है। इस बात का प्रमाण एक छोटे से नोटिस पर आईटीआई में उमड़ा जनसैलाब है।
श्री यादव ने कहा कि कुछ लोग किसान भाइयों को भ्रमित करने का कार्यक्रम चला रहे हैं। इसे किसी भी सूरत मेंं सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि एसवाईएल का पानी हमारा हक है। यहां एक हजार फिट से भी अधिक नीचे पानी चला गया था। बीजेपी के सत्ता मेंं आते ही 128 करोड़ की लागत से नहरों का सुधीरकरण किया गया। यह मांग हमने यहींं आईटीआई मेंं आयोजित पहली रैली मेंं रखी थी। आज हरियाणा मेंं उपलब्ध पानी का सामान बंटवारा हो रहा है और पानी का लेवल काफी सुधरा है। नकारा हो चुके कुएं अब चल चुके हैं। इसके अलावा भी पानी से संबंधित योजनाओंं को सिरे चढ़ाया जा रहा है जिसके बाद यहां और अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि यह पार्टी कभी भी किसान के खिलाफ फैसला नहीं कर सकती। यहां की जनता विपक्षियों के बहकावे मेंं नहीं आएगी। हमारा किसान जानता है कि एसवाईएल का मुद्दा केवल बीजेपी ही सुलझा सकती है। श्री यादव ने इतनी संख्या मेंं लोगोंं का यहां पहुंंचने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद दक्षिणी हरियाणा का सही मायने मेंं विकास हुआ है। इस बात को हर नगारिक अच्छी तरह से जानता है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी हरियाणा के विकास मेंं राव इंद्रजीत सिंह के योगदान को भी नहींं भुलाया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करवाने के लिए सभी पार्टियां एक मंच पर आएं : जेपी दलाल
कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने रविवार को आयोजित जल अधिकार रैली को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र मेंं सुधार के लिए कृतसंल्पिक है। राज्य सरकार ने इस बार ढाई गुणा अधिक धान की खरीद की है तथा 100 गुणा अधिक दालों को खरीदी की है। साथ ही ऑनलाइन तरीके से समय पर किसान का भुगतान भी किया गया है। इसी श्रृंखला में किसान हित मेंं नए कृषि कानेन बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानोंं की हर बात को सुना है। भ्रांति को दूर करने की कोशिश की है लेकिन विपक्षी नेता तथा किसान हितैषी होने का स्वांग कर रहे कुछ लोग हरियाणा के हितों के साथ समझौता कर रहे हैं। यही कारण है कि वे एसवाईएल के मुद्दे पर मौन हो जाते हैं। दक्षिणी हरियाणा के लिए नहरी पानी जीवन-मरण का मुद्दा है। पंजाब ने हमारा हक मार रखा है। पंजाब इसे हमारी कमजोरी न समझे। सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करवाने के लिए आपसी मतभेद भुलाकर सभी पार्टियां एक मंच पर आएं। इस राजनीति नहींं करनी चाहिए। अपना पानी मांगने का यह सही समय है। जो एसवाईएल का नहींं व हरियाणा का नहीं। ऐसे लोग कभी भी किसान हितैषी नहीं हो सकते।
उन्होंने कहा कि पानी को लेकर किसानोंं की यह हुंकार दिल्ली तक जाएगी। आने वाले समय में बीजेपी ही इस मामले को सुलझाएगी। कांग्रेस पार्टी केवल राजनीति करती आई है और आज भी वे इस मुद्दे को न उठाकर अपनी सोच को दिखा रहे हैं। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी आज खत्म होने के कगार पर है। उन्होंने कृषि कानूनोंं को किसान हितैषी बताते हुए कहा कि ये कानून किसानोंं की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अहम हैं।
पंजाब ने हमारा हक दबाया है : धर्मबीर सिंह
भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने जल अधिकार रैली को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के हर खेत तक पानी पहुंचे। जब वे पीएम बने तब देश के पूर्व में लंबित नहरोंं से संबंधित 99 बड़े प्रोजेक्ट अटके हुए थे। इन प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री ने पूरा करवाया है। साथ ही देश में एक बिल लेकर आए जिसमेंं पानी व बांध से संबंधित सभी शक्तियां केंद्र के पास आनी थी लेकिन विपक्षी पार्टियोंं ने राज्यसभा में इसे पास नहींं होने दिया। यहीं कारण है कि एसवाईएल का मुद्दा आज भी नहींं सुलझ सका है। इसे बीजेपी की सरकार की सुलझाएगी।
सांसद ने कहा कि किसाउ-रेणुका बांध का मामला 27 साल से लंबित था। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसमेंं रुचि लेते हुए इस काम को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आज विश्व मानव कल्याण दिवस है। सभी का कल्याण तभी संभव है जब सभी को बराबर हक मिले। पंजाब ने हमारा हक दबाया हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सत्ता मेंं आते ही नेपाल से एक समझौता किया था। जिसकेतहत नहरोंं को लिंक करके विभिन्न प्रदेशो मेंं पानी पहुंचाना था लेकिन चीन ने कुछ रुकावट डालने की कोशिश की है। इस मामले में भी केंद्र सरकार गंभीर है।
बीजेपी की सरकार एसवाईएल मामले को हर हाल मेंं सुलझाएगी : रामबिलास शर्मा
 पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने जल अधिकार रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिजारी वाजपेयी ने हरियाणा के हक मेंं एसवाईएल के फैसले आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री को साथ में बैठाकर इसे सुलझाने का प्रयास किया था लेकिन पंजाब की हठ के कारण यह संभव नहींं हो पाया।
उन्होंने कहा कि बाद में कांग्रेस की सरकार में पंजाब के सीएम अमरेंद्र सिंह ने इसे विस मेंं अलोकतांत्रिक तरीके से रद्द कर दिया। बीजेपी की सरकार इस मामले को हर हाल मेंं सुलझाएगी। श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री के समक्ष नारनौल-दादरी रोड़ को फोर लेन करने तथा खुडाना मेंं आईएमटी के मामले को जल्द सिरे चढ़ाने की मुख्यमंत्री के समक्ष अपील की। इस पर सीएम ने जल्द कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
एसवाईएल का सीधा संबंध दक्षिणी हरियाणा से : डा. अभय सिंह यादव
 नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव ने कहा कि सतलुत यमुना नहर दक्षिणी हरियाणा की जीवन रेखा है। प्रदेश मेंं पहले ऐसे मुख्यंत्री बने हैं जिन्होंने एसवाईएल के पानी आने तक उपलब्ध पानी का समान बंटवारा किया और दक्षिणी हरियाणा के लिए विशेष योजनाएं बनाई।
उन्होंने कहा कि वे जब भी पानी की समस्या को लेकर सीएम से मिले हैं तो कभी भी निराश नहीं होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने सरकार बनते ही 148 करोड़ रूपए की लागत से नए पंप सेट लगवाने व नहरोंं को ठीक करवाया। इसके बाद आज हम कम से कम इस स्थिति मेंं हैं कि उपलब्ध पानी का पूरा हिस्सा हम ले सके हैं। एसवाईएल बनने के बाद यहां पर और अधिक मात्र मेंं पानी उपलब्ध होगा क्योंकि एसवाईएल का सीधा संबंध दक्षिणी हरियाणा से है। उन्होंने कहा कि अभी भी नांगल चौधरी क्षेत्र का दो तिहाई हिस्सा नहरी पानी से वंचित है। किसाऊ बांध का निर्माण जल्द करवाया जाए।
एसवाईएल का पानी हमारी जायज मांग : सीताराम यादव
अटेली के विधायक सीताराम यादव ने कहा कि एसवाईएल के पानी की मांग हमारी जायज मांग है। यह हमारे लिए जीवन-मरण का मुद्दा है। हमने पिछले दिनोंं केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी दक्षिणी हरियाणा मेंं पानी के लिए काम नहीं किया। बीजेपी की सरकार बनते ही यहां पर इस संबंध मेंं काम हुआ है। समय-समय पर बनने वाले मुख्यमंत्रियोंं ने अपने-अपने इलाके पर ध्यान दिया। मनोहर लाल ऐसे सीएम हैं जिन्होंने पानी का सामान बंटवारा किया।  उन्होंने कहा कि अब पंजाब के किसान भाइयों के सामने हमें अपना एसवाईएल का मुद्दा रखना चाहिए। यह हमारा जायज हक है। इस हक की लड़ाई लडऩे में किसी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए।
श्री यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसान विरोधी रही है। बीजेपी सरकार ने समर्थन मूल्य पर किसानोंं का एक-एक दाना खरीदा है। पड़ोसी राज्य के किसान भी कहते हैं कि सरकार को हरियाणा में है जिसने बाजरे व कपास की पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी है। विपक्षी पार्टियां किसानों के नाम पर केवल राजनीति करती हैं जबकि बीजेपी सही मायने में किसानोंं के लिए काम करती है।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, जिला प्रभारी महेश चौहान, प्रदेश सचिव मनीष मित्तल, जिला प्रधान राकेश शर्मा एडवोकेट, जेजेपी जिला प्रधान मंजू चौधरी, पूर्व चेयरमैन गोबिंद भारद्वाज, सह प्रवक्ता सत्यवर्त शास्त्री, विजय सांगवान,सतीश बबली सिहार,राजेंद्र कुमार उर्फ राजू कमानिया,कंवर सिंह यादव, जिला प्रमुख राजेश देवी, नगर परिषद चेयरमैन भारती सैनी, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन जेपी सैनी, आरपीएस ग्रुप के डायरेक्टर मनीष यादव ,भाजपा महिला जिला अध्यक्ष लक्ष्मी सैनी, विक्रम यादव, मंदीप यादव एडवोकेट के अलावा पार्टी के अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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